यीशु नासरी के लहू वाले रंग में Lyrics song
येसु नासरी दे – येसु नासरी दे
येसु नासरी दे लहू वाले रंग च,
जमाना सारा रंग के रहांगे
ओहदे प्यार वाली खुशबू भरन लई,
दस्तक दिला ते दवांगे
1. धरती आकाश ने गवाह प्यारेयो,
इक्को इक्क मुक्ति दा राह प्यारेयो
जीहदे प्यार वाली कोई हद ही नहीं,
येसु नाल प्रीता लईए पा प्यारेयो
बण प्यार दे सुनेहे वाली खुशबू -2,
जीवना ते वरदे रहांगे
2. लहू ओहदा ज़िन्दगी सफ़ेद करदा,
खाली जीवना नू रूह दे नाल भरदा
घुल जाण वाले पानिया च सुट्टदा,
मुड़ के गुनाहा नू नहीं याद करदा
ओहदा वचन फेलौणा ए दिन-रात-2,
ना इक्क पल चैन नाल बवांगा
3. जदों ओहदे प्यार वाला खत पढ़ेया,
जीवन में नासरी दे नाम करेया
मेरे उत्तो फेर कदे लथेया नहीं,
जदों ओहदे प्यार वाला रंग चढ़ेया
ओहदे सुसमाचार वाली खुशबू-2,
दिला विच्च भरदे वांगे
गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह मसीही गीत प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर बहाए गए कीमती लहू की सामर्थ्य, उसके असीम प्रेम और सुसमाचार (खत) को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने के महान आदेश को प्रकट करता है। गीतकार का यह संकल्प है कि वह मसीह के लहू के उद्धार के संदेश से सारे ज़माने को रंग देगा और हर हृदय के द्वार पर दस्तक देकर उसे मसीह के प्रेम से परिचित कराएगा।
नीचे इस गीत के अंतरा-वार भाव और उससे जुड़े बाइबल के प्रामाणिक वचनों का पूरा विवरण दिया गया है:
1. मसीह का लहू और सुसमाचार का प्रचार (स्थायी भाव)
गीत की मुख्य घोषणा यह है कि प्रभु यीशु मसीह (यीशु नासरी) का लहू ही मानव जाति के उद्धार का एकमात्र जरिया है। विश्वासी का यह कर्तव्य है कि वह मसीह के प्रेम की खुशबू को फैलाने के लिए लोगों के दिलों पर दस्तक दे।
- इफिसियों 1:7 — “हमको उसमें उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन गीत की इस पंक्ति को प्रमाणित करता है कि यीशु नासरी का लहू ही वह रंग है जो हमें पापों से छुड़ाकर नया जीवन देता है।
- 2 कुरिन्थियों 2:14 — “परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हमें जय के उत्सव में लिए फिरता है, और अपने ज्ञान की सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।”
- स्पष्टीकरण: गीत की पंक्ति ‘ओहदे प्यार वाली खुशबू भरन लई’ इसी आत्मिक सत्य को दर्शाती है कि मसीह के गवाह होने के नाते हमारा जीवन उसकी सुगन्ध को चारों ओर फैलाना है।
2. मुक्ति का एकमात्र मार्ग और मसीह का प्रेम (पहला अंतरा)
पहला अंतरा इस बात की गवाही देता है कि पूरी सृष्टि (धरती और आकाश) इस बात की गवाह है कि मुक्ति और उद्धार का केवल एक ही रास्ता है—यीशु मसीह। उसका प्रेम असीम है, और हमें उससे सच्चा आत्मिक रिश्ता (प्रीत) जोड़ना चाहिए।
- यूहन्ना 14:6 — “यीशु ने उससे कहा, मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन गीत की इस पंक्ति का सीधा आधार है—’इक्को इक्क मुक्ति दा राह प्यारेयो’। यीशु के अलावा संसार में उद्धार का कोई दूसरा मार्ग नहीं है।
- प्रेरितों के काम 4:12 — “और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि आकाश के नीचे मनुष्यों में कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिसके द्वारा हम उद्धार पा सकें।”
- स्पष्टीकरण: यह शास्त्रवचन गीत की इस भावना को दृढ़ करता है कि धरती और आकाश केवल यीशु के नाम की ही गवाही देते हैं।
3. लहू की शुद्धिकरण सामर्थ्य और पापों की क्षमा (दूसरा अंतरा)
दूसरा अंतरा मसीह के लहू की उस सामर्थ्य को प्रकट करता है जो काले से काले पापों से भरे जीवन को भी बर्फ की नाईं ‘सफेद’ (शुद्ध) कर देता है। हमारा परमेश्वर ऐसा दयालु है कि जब वह हमारे पापों को क्षमा करता है, तो उन्हें गहरे सागर में डाल देता है और फिर कभी याद नहीं करता।
- यशायाह 1:18 — “यहोवा कहता है: आओ, हम आपस में वाद-विवाद करें; तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तो भी वे हिम की नाईं उजले हो जाएँगे; और चाहे अर्घवानी रंग के हों, तो भी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएँगे।”
- स्पष्टीकरण: गीत की पंक्ति ‘लहू ओहदा ज़िन्दगी सफ़ेद करदा’ इसी पवित्र प्रतिज्ञा पर आधारित है कि मसीह का लहू जीवन को पूरी तरह शुद्ध और पवित्र बनाता है।
- मीका 7:19 — “वह फिर हमसे दया करेगा, और हमारे अधर्म के कामों को पैर तले रौंद डालेगा; तू उनके सब पापों को गहरे समुद्र में डाल देगा।”
- स्पष्टीकरण: गीत में जो ‘घुल जाण वाले पानिया च सुट्टदा’ और ‘मुड़ के गुनाहा नू नहीं याद करदा’ कहा गया है, वह इसी वचन का स्पष्टीकरण है कि परमेश्वर हमारे पश्चाताप किए हुए पापों को सदा के लिए भूल जाता है।
- 2 तीमुथियुस 4:2 — “तू वचन का प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता और शिक्षा के साथ उलाहना दे और डाँट और समझा।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन दिन-रात बिना चैन से बैठे मसीह का सुसमाचार फैलाने के हमारे आत्मिक उत्तरदायित्व को जगाता है।
4. सुसमाचार का खत और जीवन का परिवर्तन (तीसरा अंतरा)
तीसरे अंतरे में उस व्यक्तिगत गवाही को दर्शाया गया है जब कोई मनुष्य परमेश्वर के वचन (प्यार वाले खत) को पढ़ता है और उसका जीवन पूरी तरह यीशु नासरी के नाम हो जाता है। एक बार जब मसीह के प्रेम का रंग चढ़ जाता है, तो वह जीवन भर कभी नहीं उतरता।
- 2 कुरिन्थियों 3:3 — “यह प्रगट है कि तुम मसीह की पत्री हो, जिसे हम ने सेवकों के समान लिखा; स्याही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से; पत्थर की पट्टियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस-रूपी पट्टियों पर।”
- स्पष्टीकरण: जब हम मसीह के वचन को स्वीकार करते हैं, तो हमारा जीवन खुद एक ‘खत’ बन जाता है, जिसे देखकर लोग मसीह के प्यार को पहचानते हैं।
- रोमियो 1:16 — “क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिए कि वह हर एक विश्वास करने वाले के लिए उद्धार के निमित्त परमेश्वर की सामर्थ्य है।”
- स्पष्टीकरण: मसीह का रंग चढ़ने का अर्थ यही है कि हम बिना किसी शर्म के, पूरे हौसले के साथ उसके सुसमाचार की खुशबू दूसरों के दिलों में भरते चले जाएँ।
