करीए जे विश्वास | Lyrics song
नेहचा अग्गे नहीं पहाड़,
खलो सकदा करिए जे विश्वास,
ते सब कुछ हो सकदा नेहचा अग्गे नहीं पहाड़…
1. जो मंगदा ए सो पाऊंदा ए,
खुल जावे जो खड़काउदा
ए रहमत दा बानी येसु जी,
दुखियां नू सीने लाउंदा ए गहरे ज़ख्म दिला दे,
येसु धो सकदा
2. जो विच्च ईमान दे पूरे ने,
ओह जद अज़माए जांदे ने मुंह हो जांदे बंद शेरां दे,
भठ्ठीयां विच्च पाए जांदे ने
जिहदी वाह येसु ने फड़ लई,
कोई नी खो सकदा
3. जग याद ओहना नू करदा जो,
नेहचा दे बानी होए ने मैथो जलवे ओहना संत्ता दे,
हुण जांदे ना लकोए ने
रब्ब दे कोलो केहड़ा,
पाप लुको सकदा
गीत का मुख्य सारांश (Summary)
यह गीत मसीही जीवन में ‘विश्वास’ (Faith) की अहमियत को दर्शाता है। गीत की शुरुआत ही इस घोषणा से होती है कि विश्वास के सामने पहाड़ जैसी मुश्किलें भी हट जाती हैं। यीशु मसीह में विश्वास करने से असंभव काम भी संभव हो जाते हैं।
यह गीत हमें सिखाता है कि:
- परमेश्वर प्रार्थनाओं का उत्तर देते हैं और उनके पास आने वाले हर थके और दुखी इंसान को गले लगाते हैं।
- जब विश्वासियों की परीक्षा होती है, तो परमेश्वर दानिय्येल की तरह शेरों के मुंह बंद कर देते हैं और शद्रक, मेशक, अबेदनगो की तरह आग की भट्टी से भी सुरक्षित निकाल लेते हैं।
- मनुष्य का कोई भी पाप परमेश्वर की नज़रों से छिपा नहीं रह सकता, इसलिए सच्चे मन से पश्चाताप करना ज़रूरी है।
गीत से जुड़े बाइबल वचन और उनका स्पष्टीकरण
इस गीत के हर अंतरे का सीधा संबंध पवित्र शास्त्र बाइबल के गहरे वचनों से है। नीचे उन वचनों को पूरा लिखा गया है और उनका स्पष्टीकरण दिया गया है:
1. विश्वास की सामर्थ्य (नेहचा अग्गे नहीं पहाड़…)
गीत की मुख्य पंक्ति कहती है कि विश्वास के आगे पहाड़ नहीं रुक सकता। यह सीधे तौर पर प्रभु यीशु के इस वचन से लिया गया है:
मत्ती 17:20 “यीशु ने उनसे कहा, ‘अपने अविश्वास के कारण; क्योंकि मैं तुमसे सच कहता हूँ, यदि तुम्हारा विश्वास राई के दाने के बराबर भी हो, तो इस पहाड़ से कह सकोगे, “यहाँ से सरककर वहाँ चला जा”, तो वह चला जाएगा; और तुम्हारे लिए कुछ भी असंभव न होगा।'”
- स्पष्टीकरण: यहाँ ‘पहाड़’ का मतलब हमारे जीवन की बड़ी मुश्किलें, बीमारियाँ और परेशानियाँ हैं। प्रभु यीशु सिखाते हैं कि यदि हमारा विश्वास सच्चा और दृढ़ है, तो परमेश्वर अपनी सामर्थ्य से उन बड़ी बाधाओं को हमारे रास्ते से हटा देते हैं।
2. मांगने और खटखटाने का प्रतिफल (जो मंगदा ए सो पाऊंदा ए…)
गीत का पहला अंतरा कहता है कि जो मांगता है वह पाता है और जो खटखटाता है उसके लिए द्वार खुल जाता है। यह यीशु मसीह के पहाड़ी उपदेश का हिस्सा है:
मत्ती 7:7-8 “मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूँढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिए खोला जाएगा। क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूँढ़ता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिए खोला जाएगा।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन हमें निरंतर प्रार्थना करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यीशु मसीह रहमत (दया) के सागर हैं। जब कोई दुखी व्यक्ति टूटे मन से उनसे प्रार्थना करता है, तो वे उसके गहरे से गहरे आत्मिक और शारीरिक ज़ख्मों को चंगा कर देते हैं।
3. विश्वास की भट्टी और शेरों के मुंह बंद होना (मुंह हो जांदे बंद शेरां दे…)
गीत का दूसरा अंतरा उन संतों की बात करता है जिनका विश्वास आग की भट्टी और शेरों के सामने भी नहीं डगमगाया। यह बाइबल के दानिय्येल की किताब से प्रेरित है:
दानिय्येल 6:22 “मेरे परमेश्वर ने अपना दूत भेजकर शेरों के मुंह को ऐसा बंद कर रखा कि उन्होंने मेरी कुछ भी हानि नहीं की; इसका कारण यह है कि मैं उसके सामने निर्दोष पाया गया; और हे राजा, तेरे सम्मुख भी मैंने कोई अपराध नहीं किया।”
दानिय्येल 3:25 “उसने कहा, ‘देखो, मैं चार पुरुषों को खुले हुए आग के बीच टहलते देखता हूँ, और उनकी कुछ भी हानि नहीं हुई; और चौथे पुरुष का रूप ईश्वर के पुत्र के सदृश है।'”
- स्पष्टीकरण: जब राजा दारा ने दानिय्येल को शेरों की मांद में डलवा दिया, तब दानिय्येल के विश्वास के कारण परमेश्वर ने शेरों के मुंह बंद कर दिए। इसी तरह, जब शद्रक, मेशक और अबेदनगो को धधकती भट्टी में डाला गया, तो यीशु मसीह खुद उनके साथ भट्टी में मौजूद थे। जिसका हाथ परमेश्वर थाम लेते हैं, उसे दुनिया की कोई ताकत नुकसान नहीं पहुँचा सकती।
4. परमेश्वर से कुछ भी छिपा नहीं है (रब्ब दे कोलो केहड़ा, पाप लुको सकदा…)
तीसरे अंतरे में चेतावनी और सच्चाई है कि हम ईश्वर से कुछ भी छुपा नहीं सकते। बाइबल स्पष्ट करती है कि हमारी हर गुप्त बात परमेश्वर के सामने खुली है:
सभोपदेशक 12:14 “क्योंकि परमेश्वर सब कामों का और सब गुप्त बातों का, चाहे वे भली हों या बुरी, न्याय करेगा।”
इब्रानियों 4:13 “सृष्टि की कोई वस्तु उससे छिपी नहीं है, वरन जिससे हमें काम है, उसकी आँखों के सामने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं।”
- स्पष्टीकरण: मनुष्य दुनिया से अपने पाप छुपा सकता है, लेकिन परमेश्वर सर्वव्यापी और सर्वज्ञानी हैं। वे हमारे दिलों के विचारों को भी जानते हैं। यह वचन हमें सिखाता है कि हम ढोंग छोड़कर सच्चे मन से अपने पापों को मान लें, क्योंकि केवल यीशु मसीह ही हमारे पापों को धोकर हमें शुद्ध कर सकते हैं।
