तू जलाली जलाल से भरदे | Lyrics song
तू जलाली जलाल से भरदे,
मेरे जीवन को जलाली खुदा
गाऊं हर पल तेरी सना,
मुझको तू छू करदे नया
तू जलाली जलाल……
1. तेरा जलाल ही बढ़ता चले,
जीवन को मेरे रौशन कर
तुझसे ही रौशन सारा जहां,
तेरी ज़मीं ये तेरा आसमां
तू जलाली जलाल……
2. मर्जी को तेरी पूरा करूं,
वचनों पे तेरे चलता रहूं
तू ही है मेरा ज़िंदा खुदा,
रखता संभाले मुझको सदा
तू जलाली जलाल….
गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह मसीही गीत आराधना और पूर्ण समर्पण का एक बेहद खूबसूरत और सामर्थी रूप है। इसमें एक विश्वासी परमेश्वर की महिमा (जलाल) से भरने, उसके वचनों पर चलने और उसके जीवन से केवल परमेश्वर का नाम ऊँचा होने की गहरी इच्छा रखता है। आइए इस गीत की हर एक पंक्ति को पवित्र शास्त्र बाइबल के वचनों के प्रकाश में समझते हैं:
1. परमेश्वर के जलाल (महिमा) से भरना और नया जीवन पाना
“तू जलाली जलाल से भरदे, मेरे जीवन को जलाली खुदा, गाऊं हर पल तेरी सना, मुझको तू छू करदे नया”
वचन का स्पष्टीकरण: इस पंक्ति में खुदावंद के जलाल (तेज/महिमा) को अपने जीवन में मांगने की प्रार्थना है। जब मूसा परमेश्वर की उपस्थिति में गया, तो उसका चेहरा परमेश्वर के जलाल से चमक उठा था। मसीह में आने के बाद, पवित्र आत्मा हमें अंदर से नया बनाता है ताकि हम हर पल उसकी ‘सना’ (प्रशंसा/तारीफ) कर सकें।
- निर्गमन 34:29“जब मूसा साक्षीपट्टियों को दोनों हाथों में लिए हुए सीनै पर्वत से उतरा, तो उसे यह न मालूम था कि यहोवा के साथ बातें करने के कारण उसके चेहरे से किरणें निकल रही हैं।”
- 2 कुरुन्थियों 3:18“और हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का जलाल इस प्रकार प्रगट होता है, जैसे दर्पण में; और प्रभु के आत्मा के द्वारा हम उसी तेजस्वी रूप में अंश-अंश करके बदलते जाते हैं।”
- 2 कुरुन्थियों 5:17“इसलिए यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, सब बातें नई हो गई हैं।”
2. जीवन का रौशन होना और सृष्टि पर परमेश्वर का अधिकार
“तेरा जलाल ही बढ़ता चले, जीवन को मेरे रौशन कर, तुझसे ही रौशन सारा जहां, तेरी ज़मीं ये तेरा आसमां”
वचन का स्पष्टीकरण: यूहन्ना की इंजील में लिखा है कि यीशु जगत की ज्योति हैं। जब उनका जलाल हमारे जीवन में बढ़ता है, तो हमारा आत्मिक अंधकार दूर हो जाता है। यह पूरी कायनात, यह जमीन और यह आसमान सब उसी सृष्टिकर्ता का है और उसकी महिमा को बयान करता है। विश्वासी प्रार्थना करता है कि उसका खुद का जीवन मसीह की ज्योति से चमके ताकि संसार उसे देख सके।
- यूहन्ना 8:12“यीशु ने फिर लोगों से कहा, ‘जगत की ज्योति मैं हूँ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।'”
- भजन संहिता 19:1“आकाश परमेश्वर की महिमा का वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।”
- मत्ती 5:16“उसी प्रकार तुम्हारा उजाला मनुष्यों के सामने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में है, बड़ाई करें।”
3. परमेश्वर की मर्जी पूरी करना और वचनों पर चलना
“मर्जी को तेरी पूरा करूं, वचनों पे तेरे चलता रहूं”
वचन का स्पष्टीकरण: यीशु मसीह ने हमें सिखाया कि हमारी नहीं, बल्कि पिता की मर्जी पूरी हो। परमेश्वर के वचनों पर चलना ही हमारे आत्मिक जीवन का मार्गदर्शक (दीपक) है। जो कोई परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह उसके वचनों को अपने दिल में छिपाकर रखता है और उसी के अनुसार अपना जीवन जीता है।
- भजन संहिता 119:105“तेरा वचन मेरे पाँव के लिए दीपक, और मेरे मार्ग के लिए उजियाला है।”
- मत्ती 6:10“तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे ही पृथ्वी पर भी हो।”
- यूहन्ना 14:15“यदि तुम मुझसे प्रेम रखते हो, तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे।”
4. जीवित परमेश्वर की सुरक्षा और देखरेख
“तू ही है मेरा ज़िंदा खुदा, रखता संभाले मुझको सदा”
वचन का स्पष्टीकरण: हमारा परमेश्वर कोई निर्जीव मूर्ति नहीं, बल्कि वह ‘ज़िंदा खुदा’ है जो सुनता है, उत्तर देता है और अपने बच्चों को हर विपत्ति से संभाल कर रखता है। बाइबल वादा करती है कि वह हमें कभी न तो छोड़ेगा और न कभी त्यागेगा। उसका दाहिना हाथ हमें हमेशा थामे रहता है।
- यशायाह 41:10“मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ, इधर-उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, और अपने धर्ममय दाहिने हाथ से तुझे सम्हाले रहूँगा।”
- भजन संहिता 121:7-8“यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा। यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर सर्वदा तक करता रहेगा।”
- दानिय्येल 6:26“क्योंकि वही जीवता और युगानुयुग स्थिर रहनेवाला परमेश्वर है; उसका राज्य अविनाशी और उसकी प्रभुता अनन्त है।”


