जो क्रूस पे कुर्बान है Lyrics song
जो क्रूस पे कुर्बान है वो मेरा मसीहा है
हर जख्म जो उसका है वो मेरे ग़ुनाह का है
वो मेरे ग़ुनाह का है
जो क्रूस पे कुर्बान है वो मेरा मसीहा है
हर जख्म जो उसका है वो मेरे ग़ुनाह का है
वो मेरे ग़ुनाह का है
1. इस दुनियाँ में ले आये
मेरे ही गुनाह उसको … मेरे ही गुनाह उसको
ये जुल्म-ओ-सितम उस पर मैंने ही करा है
जो क्रूस पे …….
2. इंसान है वो कामिल और सच्चा खुदा वो है
और सच्चा खुदा वो है
वो प्यार का दरिया है सच्चाई का रस्ता है
जो क्रूस पे ……
3. देने को मुझे जीवन खुद मौत सही उसने
खुद मौत सही उसने
क्या खूब है कु्र्बानी क्या प्यार अनोखा है
क्या प्यार अनोखा है
जो क्रूस पे ……
गीत का सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह मसीही गीत प्रभु यीशु मसीह के सर्वोच्च बलिदान, उनके असीम प्रेम और मानव जाति के उद्धार की कहानी को बेहद भावुक और गहरे शब्दों में बयां करता है। यह गीत केवल एक संगीत रचना नहीं है, बल्कि पवित्र शास्त्र (बाइबल) के उन वचनों का सजीव चित्रण है जो क्रूस की कथा और मसीह के जी उठने को प्रमाणित करते हैं।
1. हमारे पापों के लिए मसीह का बलिदान
गीत की मुख्य पंक्ति है— “जो क्रूस पे कुर्बान है, वो मेरा मसीहा है। हर ज़ख्म जो उसका है, वो मेरे गुनाह का है।” यह पंक्तियां सीधे तौर पर यशायाह नबी की पुस्तक से मेल खाती हैं, जहां मसीह के दुखों की भविष्यवाणी सैकड़ों साल पहले की गई थी।
- यशायाह 53:5 — “परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।”
स्पष्टीकरण: बाइबल का यह वचन स्पष्ट करता है कि यीशु निष्पाप थे। क्रूस पर जो घाव, अपमान और दर्द उन्होंने सहा, वह उनके किसी कर्म का फल नहीं था, बल्कि वह हमारे पापों का दंड था जिसे उन्होंने स्वेच्छा से अपने ऊपर ले लिया ताकि हमें न्याय के दिन क्षमा मिल सके।
2. क्रूस पर ढाया गया ज़ुल्म और हमारा उद्धार
गीत के अंतरे में कहा गया है— “इस दुनिया में ले आए मेरे ही गुनाह उसको… ये ज़ुल्मो-सितम उस पर मैंने ही कराया है।” यह हमारे व्यक्तिगत अपराधों के प्रति आत्म-जागरूकता को दर्शाता है कि मसीह को क्रूस पर चढ़ाने के पीछे पूरी मानव जाति के पाप जिम्मेदार थे।
- 1 पतरस 2:24 — “वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया, जिससे हम पापों के लिये मर कर धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के कोड़े खाने से तुम चंगे हुए हो।”
स्पष्टीकरण: प्रेरित पतरस इस वचन के माध्यम से समझाते हैं कि यीशु का क्रूस पर जाना एक सोची-समझी ईश्वरीय योजना थी। उन्होंने स्वेच्छा से अपनी देह में हमारे पापों का बोझ उठाया। जब गीतकार कहता है कि “यह ज़ुल्म मैंने ही कराया है”, तो इसका अर्थ है कि हमारे पाप ही वे कीलें थीं जिन्होंने यीशु को क्रूस पर जकड़े रखा।
3. सच्चा परमेश्वर और प्रेम का दरिया
गीत आगे कहता है— “इंसान है वो कामिल (पूर्ण) और सच्चा खुदा वो है, वो प्यार का दरिया है सच्चाई का रस्ता है।” यह यीशु मसीह के पूर्ण मनुष्य और पूर्ण परमेश्वर (ईश्वरीय और मानवीय स्वभाव) होने की गवाही देता है।
- यूहन्ना 14:6 — “यीशु ने उससे कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।”
- 1 यूहन्ना 4:9 — “जो प्रेम परमेश्वर हमसे रखता है, वह इससे प्रगट हुआ कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।”
स्पष्टीकरण: यीशु मसीह केवल एक उपदेशक नहीं थे, बल्कि वे स्वयं “सच्चाई का रास्ता” और “प्यार का दरिया” हैं। परमेश्वर का प्रेम कोई अमूर्त विचार नहीं है, बल्कि क्रूस पर बहता हुआ वह लहू है जिसने मनुष्यों के कठोर हृदयों को पिघला दिया। वे पूर्ण रूप से मनुष्य बनकर हमारे दुखों को समझे और पूर्ण परमेश्वर बनकर हमें पापों से मुक्ति दी।
4. मृत्यु पर विजय और पुनरुत्थान
यद्यपि गीत क्रूस के दुखों पर केंद्रित है, मसीही विश्वास की पूर्णता यीशु मसीह के जी उठने में है (जैसा कि वीडियो के अंत में ‘Three Days Later’ के दृश्य से स्पष्ट होता है)। उन्होंने अपनी मृत्यु के द्वारा हमें अनंत जीवन दिया।
- यूहन्ना 3:16 — “क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।”
- रोमियों 5:8 — “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।”
निष्कर्ष: यह गीत हर विश्वासी को मसीह के क्रूस के निकट लाता है और यह स्मरण कराता है कि उद्धार मुफ्त में नहीं मिला, इसके लिए एक बहुत बड़ी कीमत चुकाई गई है। क्रूस का संदेश केवल शोक का नहीं, बल्कि परमेश्वर के उस अगाध प्रेम का प्रतीक है जो मृत्यु से भी अधिक सामर्थी है।


