मसीहा आया है | Lyrics Song
मसीहा आया है
जग में खुशियाँ लाया है
सारे जहाँ में आज
ये पैगाम आया है ……. 2
मसीहा आया है
जग में खुशियाँ लाया है
1. बीबी मरियम उसे सुलाने
मीठी लोरी गाती है
बड़े प्यार से उसे सुलाने
कांधों पे सहलाती है …….. 2
मसीह का राज आया है
तारे ने बतलाया है …….. 2
क्या
मसीहा आया है…
2. ठोकर मारो सूट बूट को
पहले दिल को साफ़ करो
जो भी होगा दुश्मन अपना
पहले उसको माफ़ करो ……. 2
मसीह का राज आया है
तारे ने बतलाया है ……. 2
क्या
मसीहा आया है…
3. जाग उठो ऐ सोनेवालो
प्रभु से मिलने जाना है
दर्शन उसका पा कर हमको
अपना तारण पाना है
प्रभु का राज आया है
अपनी बहारें लाया है
क्या
मसीहा आया है…
१. मसीहा का आगमन और खुशी का पैगाम (स्थायी)
गीत की शुरुआत इस घोषणा से होती है कि जगत में मसीहा आ चुका है, जो संपूर्ण मानव जाति के लिए आनंद और शांति का संदेश लेकर आया है। बाइबल हमें बताती है कि यीशु का जन्म केवल किसी एक जाति के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के उद्धार के लिए था।
सम्बन्धित बाइबल वचन (पूरा पाठ):
लूका २:१०-११ “तब स्वर्गदूत ने उनसे कहा, ‘मत डरो; क्योंकि देखो, मैं तुम्हें बड़े आनंद का सुसमाचार सुनाता हूँ जो सब लोगों के लिए होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिए एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।'”
२. माता मरियम और स्वर्ग का तारा (प्रथम अंतरा)
यह भाग मसीह के मानवीय रूप में जन्म लेने की विनम्रता को दर्शाता है, जहाँ कुँवारी मरियम उन्हें गोद में सुलाती हैं। साथ ही, आकाश में चमके तारे का जिक्र है, जिसने पूर्व के ज्योतिषियों को मसीहा के जन्म का मार्ग दिखाया था। यह भविष्यवाणी की पूर्ति को दर्शाता है।
सम्बन्धित बाइबल वचन (पूरा पाठ):
मत्ती २:२ “कि यहूदियों का राजा जिसका जन्म हुआ है, कहाँ है? क्योंकि हमने पूर्व में उसका तारा देखा है और उसे प्रणाम करने आए हैं।”
लूका २:७ “और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़ों में लपेटकर चरनी में रखा; क्योंकि उनके लिए सराय में जगह न थी।”
३. हृदय की शुद्धता और क्षमाशीलता (द्वितीय अंतरा)
यह गीत का सबसे व्यावहारिक और नैतिक संदेश है। यहाँ ‘सूट-बूट’ को ठोकर मारने का अर्थ बाहरी दिखावे और सांसारिक घमंड को छोड़ना है। मसीह का राज्य बाहरी तड़क-भड़क का नहीं, बल्कि आंतरिक पवित्रता और दुश्मनों को भी क्षमा करने का है। प्रभु यीशु ने अपने पहाड़ी उपदेश में क्षमा पर सबसे ज्यादा जोर दिया है।
सम्बन्धित बाइबल वचन (पूरा पाठ):
मत्ती ६:१४-१५ “इसलिए यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा।”
मत्ती ५:८ “धन्य हैं वे, जिनके मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।”
कुलुस्सियों ३:१३ “और यदि किसी को किसी पर दोष लगाने का कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो; जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।”
४. आत्मिक जागृति और उद्धार (तृतीय अंतरा)
अंतिम अंतरा विश्वासियों को आत्मिक नींद से जागने का आह्वान करता है। ‘सोनेवालो’ का अर्थ उन लोगों से है जो पाप और सांसारिक मोह-माया में सोए हुए हैं। यीशु मसीह के दर्शन पाने और उनके मार्ग पर चलने से ही मनुष्य को पापों से मुक्ति (तारण) और अनंत जीवन मिलता है।
सम्बन्धित बाइबल वचन (पूरा पाठ):
रोमियों १३:११ “और समय को पहचानकर ऐसा ही करो, इसलिए कि अब तुम्हारे लिए नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुँची है; क्योंकि जिस समय हमने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उद्धार निकट है।”
यूहन्ना ३:१६ “क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नष्ट न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।”


