विश्वास दी जमीन Lyrics song
New Masih Song 2026: Vishwas Di Jameen | Brother Matti Teji | Masihi Geet| Jas Malhan
विश्वास दी जमीन ते जो बीजिया दुआवा,
विश्वास दी जमीन ते जो बीजिया दुआवा,
दिन ओनगे जरूर, दिन ओनगे जरूर
अजद्दो वड्डेगा नाल छावा,
विश्वास दी जमीन ते जो बीजिया दुआ…
कच्चे कोठे वांगू अंखियां सदा ना चोद्दीया रेनगीया
कच्चे कोठे वांगू अंखियां सदा ना चोद्दीया रेनगीया
हो जाणे दूर हनेरे शेती किरणा पेहन गीया,
हो जाणे दूर हनेरे शेती किरणा पेहन गीया,
शेती किरणा पेहन गीया,
तपदिया तूप्पा दे विच येशू आप करेगा छावा,
तपदिया तूप्पा दे विच येशू आप करेगा छावा,
विश्वास दी जमीन ते जो बीजिया दुआवा,
जिंदगी दे अंबर ते पंछी खुशियां वाले उड्डनगे,
जिंदगी दे अंबर ते पंछी खुशियां वाले उड्डनगे,
दिल दे बागा दे विच फूल हुण हास्सीया वाले उगनगे,
दिल दे बागा दे विच फूल हुण हास्सीया वाले उगनगे,
मौसम सुहाने आवनगे ए केन्दीया ने हवावा,
मौसम सुहाने आवनगे ए केन्दीया ने हवावा,
विश्वास दी जमीन ते जो बीजिया दुआवा,
एक ना एक दिन येशू तेरे बदल देवेगा हालाता नू,
एक ना एक दिन येशू तेरे बदल देवेगा हालाता नू,
सदाना रेहन देवेगा सिर ते गम दिया कालिया रातानु,
सदाना रेहन देवेगा सिर ते गम दिया कालिया रातानु,
गम दिया कालिया रातानु,
सब कुछ नवा बना देवेगा करके माफ़ खतावा,
सब कुछ नवा बना देवेगा करके माफ़ खतावा,
विश्वास दी जमीन ते जो बीजिया दुआवा,
1. विश्वास की नींव और प्रार्थना का सामर्थ्य
गीत के मुख्य बोल “विश्वास दी जमीन ते जो भी बीजिया दुआवां” हमें याद दिलाते हैं कि प्रार्थना केवल शब्द नहीं, बल्कि विश्वास का एक बीज है।
- मत्ती 21:22: “और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से माँगोगे वह सब तुम्हें मिलेगा।”
- स्पष्टीकरण: प्रभु यीशु मसीह ने स्पष्ट किया है कि प्रार्थना की सफलता का आधार ‘विश्वास’ है। जैसे बिना उपजाऊ जमीन के बीज फल नहीं दे सकता, वैसे ही बिना विश्वास के प्रार्थना अधूरी है। यह वचन गीत की उस सच्चाई को पुख्ता करता है कि विश्वास की जमीन पर बोई गई हर दुआ का फल निश्चित रूप से मिलता है।
2. संकट के समय ईश्वरीय सुरक्षा (छाया)
गीत में एक बहुत सुंदर चित्रण है: “तप दीयां तपां दे विच यीशु करेगा छावां”। यह हमारे जीवन के संघर्षों और परीक्षणों के समय प्रभु की सुरक्षा को दर्शाता है।
- भजन संहिता 91:1: “जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन हमें आश्वासन देता है कि जब दुनिया की मुश्किलें हमें झुलसाने लगती हैं, तब परमेश्वर हमारा शरणस्थान बन जाता है। गीत हमें प्रोत्साहित करता है कि चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, यीशु की छाया हमें सुरक्षित रखेगी।
- भजन संहिता 121:5: “यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी छाया है।”
3. निराशा के बाद आने वाली आशा की किरण
गीत कहता है कि “कच्चे कोठे वांगू अखियां सदा नाचियां,” जिसका अर्थ है कि कठिन समय में आँखों ने बहुत दुख देखा है, लेकिन अब “किरणें” (आशा) आने वाली हैं।
- भजन संहिता 30:5: “उसका क्रोध तो पल भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। रोना तो शाम को होता है, परन्तु सवेरे आनन्द होता है।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन गीत के उस भाव को स्पष्ट करता है जहाँ दुख की रात बीतने और खुशी के सवेरे का वादा किया गया है। परमेश्वर अपने लोगों को कभी भी निरंतर दुख में नहीं रहने देता; वह समय आने पर आँसुओं को मुस्कुराहट में बदल देता है।
4. हालात बदलने वाला महान परमेश्वर
गीत का एक शक्तिशाली विश्वास है: “एक ना एक दिन यीशु तेरे बदल देवेगा हालातांनू”। यह परमेश्वर की संप्रभुता और उसकी सामर्थ्य को प्रकट करता है।
- यिर्मयाह 29:11: “क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे कुशल की हैं, हानि की नहीं; और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूँगा।”
- स्पष्टीकरण: कई बार हमें लगता है कि हमारे हालात कभी नहीं बदलेंगे, लेकिन बाइबल हमें सिखाती है कि परमेश्वर के पास हमारे लिए ‘कुशल’ की योजनाएं हैं। वह हमारे बुरे हालातों को अपनी महिमा के लिए बदलने की ताकत रखता है।
5. क्षमा और नया जीवन (नई सृष्टि)
गीत के अंत में कहा गया है कि वह “सब कुछ नवा बना देवेगा करके माफ खतावां”। यह मसीह में मिलने वाली माफ़ी और नवीनीकरण का संदेश है।
- 2 कुरिन्थियों 5:17: “इसलिये यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, सब नया हो गया है।”
- स्पष्टीकरण: जब हम अपने गुनाहों (खतावां) की माफी मांगते हैं, तो प्रभु हमें केवल माफ ही नहीं करता, बल्कि हमारे जीवन को पूरी तरह नया बना देता है। वह हमारे अतीत के गमों को धोकर हमें एक नई शुरुआत देता है।
6. धीरज और फलवन्त जीवन
“मौसम सुहाने आवन गे” — यह पंक्ति धीरज रखने वाले विश्वासियों के लिए एक प्रतिज्ञा है।
- गलातियों 6:9: “हम भले काम करने में हियाव न छोड़ें, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे।”
- स्पष्टीकरण: विश्वास की जमीन पर जो प्रार्थनाएं बोई गई हैं, उनकी कटनी का एक ‘ठीक समय’ होता है। यह वचन हमें सिखाता है कि विश्वास में बने रहने से हम जीवन के सुहाने मौसम और आशीषों को प्राप्त करेंगे।
