तेरी मेरी यारी Lyrics song
तेरी मेरी यारी अनोखी कैसी यारी
तू और मैं मिल जाए तो शैतान पे पड़े भारी
तेरी मेरी यारी अनोखी कैसी यारी
तू और मैं मिल जाए तो शैतान पे पड़े भारी
तू नहीं तो कुछ भी नहीं
साथ है तो सब है सही
तू नहीं तो कुछ भी नहीं
साथ है तो सब है सही
चाहे मैं अंधेरों में चलूं तू साथ है
हानी से ना डरू
हर मेदान मैं जीत मेरी हैं
तू है संग तो हार नहीं हैं
हर मेदान मैं जीत मेरी हैं
जब खुदाया मेरी ओर है
मेरे खिलाफ खड़ा कोन हैं
तेरी मेरी यारी अनोखी कैसी यारी
तू और मैं मिल जाए तो शैतान पे पड़े भारी
तू साथ है तो पानी पे चलूं
तू साथ है तूफा को भी रको
कुछ नहीं है अब मुश्किल
खुदा मेरा तू है काबिल
तेरी मेरी यारी अनोखी कैसी यारी
तू और मैं मिल जाए तो शैतान पे पड़े भारी
1. परमेश्वर के साथ अटूट रिश्ता और शैतान पर विजय गीत के मुख्य बोल “तू और मैं मिल जाए तो शैतान पे पड़े भारी” हमें याद दिलाते हैं कि हमारी शक्ति हमारी अपनी नहीं, बल्कि परमेश्वर की उपस्थिति से आती है। जब हम मसीह में स्थिर रहते हैं, तो अंधकार की शक्तियां हमें पराजित नहीं कर सकतीं।
- याकूब 4:7: “इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का सामना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन स्पष्ट करता है कि जब हम स्वयं को परमेश्वर के अधीन कर देते हैं और उसकी मित्रता में चलते हैं, तो हमें वह अधिकार प्राप्त होता है जिससे हम शैतान की हर युक्ति को विफल कर सकते हैं।
2. अंधकार के बीच प्रभु की उपस्थिति गीत में कहा गया है, “चाहे मैं अंधेरों में चलूं तो साथ है, हानि से ना डरूं”। यह हमारे जीवन के सबसे कठिन समय में परमेश्वर की उपस्थिति का आश्वासन देता है।
- भजन संहिता 23:4: “चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ, तो भी हानि से न डरूँगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।”
- स्पष्टीकरण: दाऊद का यह भजन गीत की पंक्तियों का आधार है। यह सिखाता है कि विश्वास का जीवन दुखों की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि उन दुखों के बीच परमेश्वर की सांत्वना और सुरक्षा की उपस्थिति है।
3. हर मैदान में जीत (जयवंत जीवन) गीत की पंक्तियाँ “तू है संग तो हार नहीं है, हर मैदान में जीत मेरी है” हमें मसीह में मिलने वाली विजय की याद दिलाती हैं। यदि परमेश्वर हमारे पक्ष में है, तो कोई भी शत्रु हमारे विरुद्ध सफल नहीं हो सकता।
- रोमियों 8:31: “अत: हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?”
- स्पष्टीकरण: यह वचन विश्वासियों के लिए सबसे बड़ा साहस है। यह घोषित करता है कि संसार की कोई भी शक्ति उस व्यक्ति को नहीं हरा सकती जिसे परमेश्वर का समर्थन प्राप्त है।
- रोमियों 8:37: “परन्तु इन सब दशाओं में हम उसके द्वारा जिसने हमसे प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं।”
4. असंभव को संभव करना (पानी पर चलना और तूफान को रोकना) “तू साथ है तो पानी में चलूं, तू साथ है तूफान को ही रोकूं” — ये पंक्तियाँ बाइबल के उन चमत्कारों की ओर संकेत करती हैं जहाँ विश्वास ने प्राकृतिक सीमाओं को तोड़ दिया।
- मत्ती 14:29: “उसने कहा, ‘आ।’ तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के पास जाने के लिये पानी पर चलने लगा।”
- स्पष्टीकरण: पतरस का पानी पर चलना केवल तभी संभव हुआ जब उसकी नजरें यीशु पर थीं। यह गीत हमें सिखाता है कि जब हम परमेश्वर के साथ “यारी” या संगति में होते हैं, तो हम वह कार्य भी कर सकते हैं जो मानवीय रूप से असंभव प्रतीत होते हैं।
- फिलिप्पियों 4:13: “जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ।”
5. परमेश्वर की सामर्थ्य और उसकी काबिलियत गीत का अंत इस स्वीकारोक्ति के साथ होता है कि “खुदा मेरा तू है काबिल”। हमारी सारी निर्भरता उसकी योग्यता पर है।
- भजन संहिता 121:1-2: “मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर लगाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी? मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।”
- स्पष्टीकरण: हमारी सहायता किसी मनुष्य या सांसारिक साधन से नहीं, बल्कि उस सृष्टिकर्ता से आती है जो आकाश और पृथ्वी का स्वामी है। उसकी काबिलियत पर भरोसा करना ही सच्ची बुद्धिमानी है।

