होसन्ना Lyrics song
Hosanna | The Victory Anthem | ft. Karan Peter
दाऊद के पुत्र यीशु मसीह की, होसन्ना होसन्ना
आकाश और धरती मिलकर गाए, होसन्ना होसन्ना
दाऊद के पुत्र यीशु मसीह की, होसन्ना होसन्ना
आकाश और धरती मिलकर गाए, होसन्ना होसन्ना
होसन्ना होसन्ना, राजाओं के राजा की होसन्ना
होसन्ना होसन्ना, राजाओं के राजा की होसन्ना
वस्त्र और डालियों को मार्ग पे बिछाते
जगत के राजा का स्वागत करते
वस्त्र और डालियों को मार्ग पे बिछाते
जगत के राजा का स्वागत करते
हृदय से अपनी स्तुति देते
चिल्ला-चिल्ला के हम कहते…
होसन्ना होसन्ना, राजाओं के राजा की होसन्ना
होसन्ना होसन्ना, राजाओं के राजा की होसन्ना
दाऊद के पुत्र यीशु मसीह की, होसन्ना होसन्ना
आकाश और धरती मिलकर गाए, होसन्ना होसन्ना
दाऊद के पुत्र यीशु मसीह की, होसन्ना होसन्ना
आकाश और धरती मिलकर गाए, होसन्ना होसन्ना
होसन्ना होसन्ना, राजाओं के राजा की होसन्ना
होसन्ना होसन्ना, राजाओं के राजा की होसन्ना
राजाओं के राजा की होसन्ना…
गीत का सारांश और आत्मिक स्पष्टीकरण
यह गीत मुख्य रूप से उस ऐतिहासिक और आत्मिक घटना पर आधारित है जब प्रभु यीशु मसीह ने यरूशलेम में एक राजा के रूप में प्रवेश किया था। ‘होसन्ना’ शब्द का अर्थ है “हमें अभी बचाओ,” जो कि एक प्रार्थना और स्तुति दोनों है।
1. दाऊद के पुत्र की महिमा (The Son of David): गीत की पहली पंक्ति “दाऊद के पुत्र यीशु मसीह की होसन्ना” [00:21] सीधे तौर पर यीशु को मसीहा (Messiah) के रूप में स्वीकार करती है। बाइबल के अनुसार, मसीहा को दाऊद के वंश से आना था। मत्ती 21:9 में भी भीड़ इसी प्रकार चिल्ला रही थी। यह दर्शाता है कि यीशु ही वह राजा है जिसका वादा पुराने नियम में किया गया था।
2. आकाश और धरती की संयुक्त आराधना (Heaven and Earth United): “आकाश और धरती मिलकर गाएं” [00:38] पंक्तियाँ हमें याद दिलाती हैं कि आराधना केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है। प्रकाशितवाक्य 5:13 के अनुसार, स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल की हर एक सृष्टि मिलकर मेमने की महिमा करती है। यह गीत पूरी सृष्टि को अपने सृजनहार की स्तुति करने के लिए बुलाता है।
3. स्वागत और समर्पण (Welcome and Surrender): “वस्त्र और डालियों को मार्ग पे बिछाते, जगत के राजा का स्वागत करते” [01:28] यह पंक्तियाँ पूर्ण समर्पण का प्रतीक हैं। पुराने समय में, राजाओं के सम्मान में वस्त्र बिछाना उनके अधिकार को स्वीकार करने का तरीका था। मत्ती 21:8 में भी लोगों ने ऐसा ही किया। आत्मिक रूप से, यह हमें सिखाता है कि हमें अपने जीवन के ‘वस्त्र’ (अपना अहंकार, अपनी योजनाएं) यीशु के चरणों में बिछा देने चाहिए।
4. राजाओं का राजा (King of Kings): “होसन्ना राजाओं के राजा की” [00:56] का नारा यह स्पष्ट करता है कि यीशु किसी एक देश का नहीं, बल्कि पूरे ब्रह्मांड का सर्वोच्च अधिकारी है। प्रकाशितवाक्य 19:16 में लिखा है कि उसके वस्त्र और जांघ पर यह नाम लिखा है: “राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु।” यह गीत हमें उस सामर्थ्य और अधिकार की याद दिलाता है जो केवल मसीह के पास है।
5. हृदय से स्तुति (Worship from the Heart): “हृदय से अपनी स्तुति देते, चिल्ला-चिल्ला के हम कहते” [01:40] यह दर्शाता है कि आराधना केवल होंठों से नहीं बल्कि हृदय की गहराई से होनी चाहिए। भजन संहिता 100:1-2 हमें आनंद के साथ यहोवा की स्तुति करने और जयजयकार करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

