Jehre Yeshu Naal Judey Rehnde Aa Lyrics

Jehre Yeshu Naal Judey Rehnde Aa Lyrics
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जेहडे येशु नाल जुड़े रेहनदे आ | Lyrics song


ग़म ओहना दे ना नेड़े आऊंदे 
जेहड़े येसु नाल जुड़े रेहंदे आ 
खुशियां नाल भरे ओह रेहंदे
जेहड़े नाम येसु दा लैंदे 
ओह जो मंगदे, ओही पोउंदे आ
जेहड़े येसु नाल जुड़े रेहंदे आ …..


1. चेहरे उत्ते नूर रेहंदा, येसु देया बन्देया दे 
शैतान नेड़े वी नहीं आऊंदा, लहू विच्च रंगेया दे -2 
महिमा रब्ब दी ओह, सदा गाऊंदे आ 
जेहड़े येसु नाल जुड़े रेहंदे आ ……


2. पाक रुह दे नाल सदा, ओह भरे रेंहदे ने 
हर वेले येसु – येसु, नाम जेहड़े लैंन्दे ने -2 
हाल्लेलुईयाह दे नारे, लौन्दै आ 
जेहड़े येसु नाल जुड़े रेहंदे आ ……


3. रोंदे होया नू येसु, हसना सिखाया ए 
मुसीबता चो तैनू ओह, कड के लै आया ए -2 
ओहनू ख्वाब वो, बुरे नां आऊंदे आ 
जेहड़े येसु नाल जुड़े रेहंदे आ ……

गीत का आत्मिक सारांश (Summary)

यह गीत एक मसीही जीवन की गहरी सच्चाई और यीशु मसीह के साथ संगति में रहने के अनमोल आशीषों को दर्शाता है। इस गीत का मुख्य संदेश यह है कि जो व्यक्ति प्रभु यीशु के साथ सच्चे दिल से जुड़ा रहता है, उसका जीवन दुखों और चिंताओं से मुक्त होकर ईश्वरीय आनंद और शांति से भर जाता है। जब हम यीशु के नाम को थाम लेते हैं, तो हमारे जीवन की हर कमी पूरी होती है और हमारी प्रार्थनाएँ सुनी जाती हैं।

गीत के अंतरे हमें याद दिलाते हैं कि यीशु के लहू से धुले हुए विश्वासी पर शैतान का कोई अधिकार नहीं रहता। पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से भरे हुए लोग हर परिस्थिति में परमेश्वर की महिमा और धन्यवाद (हाल्लेलूइयाह) करते हैं। यह गीत उन सभी के लिए एक बड़ी गवाही है जो कभी दुखों में रो रहे थे, लेकिन यीशु ने उनके आंसुओं को पोंछकर उन्हें मुस्कुराना सिखाया और हर मुसीबत से छुड़ाया।

गीत से जुड़े मुख्य बाइबल वचन और उनका स्पष्टीकरण (Bible Verses & Explanation)

इस गीत के एक-एक भाव को पवित्र शास्त्र बाइबल के इन वचनों के द्वारा समझा जा सकता है:

1. यीशु मसीह के साथ जुड़े रहना और खुश रहना

“ग़म ओहना दे ना नेड़े आऊंदे, जेहड़े येसु नाल जुड़े रेहंदे आ।”

  • यूहन्ना 15:5 — “मैं दाखलता हूँ, तुम डालियाँ हो; जो मुझ में बना रहता है और मैं उसमें, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझसे अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।”
  • स्पष्टीकरण: जैसे डाली पेड़ से अलग होकर सूख जाती है, वैसे ही मनुष्य यीशु से अलग होकर सच्चा आनंद नहीं पा सकता। यीशु में बने रहने से जीवन में कभी न खत्म होने वाली आत्मिक शांति मिलती है।
  • भजन संहिता 16:11 — “तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनंद की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।”
  • स्पष्टीकरण: जो लोग यीशु के समीप रहते हैं, उनके पास संसार का गम नहीं भटकता, क्योंकि परमेश्वर की उपस्थिति आनंद से भरपूर है।

2. प्रार्थनाओं का उत्तर मिलना

“ओह जो मंगदे, ओही पोउंदे आ…”

  • यूहन्ना 15:7 — “यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें, तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।”
  • स्पष्टीकरण: यह वचन सीधे गीत की इस पंक्ति को प्रमाणित करता है। जब हमारा जीवन यीशु की इच्छा के अनुसार चलने लगता है, तो हमारी हर प्रार्थना का उत्तर हमें मिलता है।
  • मत्ती 7:7 — “मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।”

3. चेहरे पर तेज (नूर) और यीशु के लहू की सामर्थ्य

“चेहरे उत्ते नूर रेहंदा, येसु देया बन्देया दे… शैतान नेड़े वी नहीं आऊंदा, लहू विच्च रंगेया दे।”

  • भजन संहिता 34:5 — “जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया।”
  • स्पष्टीकरण: जो परमेश्वर की आराधना करते हैं, उनके चेहरों पर एक आत्मिक तेज (नूर) और शांति हमेशा दिखाई देती है।
  • प्रकाशितवाक्य 12:11 — “और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण उस पर जयवंत हुए, और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहाँ तक कि मृत्यु भी सह ली।”
  • स्पष्टीकरण: यीशु मसीह का क्रूस पर बहाया गया पवित्र लहू हमें शैतान की हर चाल और अंधकार की ताकतों से सुरक्षित रखता है। दुष्ट आत्माएं यीशु के लहू के सामने टिक नहीं सकतीं।

4. पवित्र आत्मा की भरपूरी और स्तुति (हाल्लेलूइयाह)

“पाक रुह दे नाल सदा, ओह भरे रेंहदे ने… हाल्लेलुईयाह दे नारे, लौन्दै आ।”

  • इफिसियों 5:18 — “और दाख रस से मतवाले न बनो, क्योंकि इससे लुचपन होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।”
  • स्पष्टीकरण: मसीही जीवन की ताकत पवित्र आत्मा (पाक रूह) की भरपूरी में है, जो हमें हमेशा सही राह पर चलने की शक्ति देती है।
  • भजन संहिता 150:6 — “जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!” (हाल्लेलूइयाह का अर्थ है ‘प्रभु की स्तुति करो’)।

5. दुखों से छुटकारा और आंसुओं का मुस्कुराहट में बदलना

“रोंदे होया नू येसु, हसना सिखाया ए… मुसीबता चो तैनू ओह, कड के लै आया ए।”

  • भजन संहिता 30:5 — “उसका क्रोध तो पल भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित रात को रोना पड़े, परन्तु सवेरे आनन्द गूंज उठेगा।”
  • स्पष्टीकरण: यीशु हमारे जीवन के रोने को आनंद के गीतों में बदल देता है। मुसीबत चाहे कितनी भी बड़ी हो, वह हमें उसमें से बाहर निकालने की सामर्थ्य रखता है।
  • भजन संहिता 50:15 — “और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।”
  • स्पष्टीकरण: जब हम संकट के समय यीशु का नाम लेते हैं, तो वह हमारी रक्षा करता है और हमें हर डर तथा बुरे ख्वाबों से मुक्ति देता है।

निष्कर्ष: यह गीत हमें याद दिलाता है कि यीशु मसीह पर भरोसा रखने वाला व्यक्ति कभी लज्जित नहीं होगा। यदि आप भी अपने जीवन में सच्ची खुशी और सुरक्षा चाहते हैं, तो आज ही पूरे मन से यीशु के साथ जुड़ जाइए।


Jehre Yeshu Naal Judey Rehnde Aa | Lyrics song

जेहडे येशु नाल जुड़े रेहनदे आ | Lyrics in hindi

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