राजाओं के राजा Lyrics song
RAJAON KE RAJA | BADSHAH | Peter Torne | Amit Kamble |
मेरी कल्पना से सुंदर हो तुम
मेरी सोच से भी बेहतर हो तुम
मेरी कल्पना से सुंदर हो तुम
मेरी सोच से भी बेहतर हो तुम
ओ मेरी चट्टान, मेरा बल जो हो तुम
मेरी इबादत में बसते हो तुम
ओ मेरी चट्टान, मेरा बल जो हो तुम
मेरी इबादत में बसते हो तुम
राजाओं के राजा हो तुम
सारे जहाँ के बादशाह हो तुम
राजाओं के राजा हो तुम
सारे जहाँ के बादशाह हो तुम
मेरी कल्पना से सुंदर हो तुम
मेरी सोच से भी बेहतर हो तुम
आफत में बने राहत हो तुम
जीवन की मन चाहत हो तुम
आफत में बने राहत हो तुम
जीवन की मन चाहत हो तुम
मेरी चट्टान, मेरा बल जो हो तुम
मेरी इबादत में बसते हो तुम
मेरी चट्टान, मेरा बल जो हो तुम
मेरी इबादत में बसते हो तुम
राजाओं के राजा हो तुम
सारे जहाँ के बादशाह हो तुम
ऐ मेरे खुदा, तेरी महिमा हो सदा
ऐ मेरे खुदा, तेरी महिमा हो सदा
ऐ मेरे खुदा, तेरी महिमा हो सदा
तू गाते तेरे गीत
तेरे सामने झुकता ए आफताब भी
तू गाते तेरे गीत
तेरे सामने झुकता ए आफताब भी
राजाओं के राजा हो तुम
सारे जहाँ के बादशाह हो तुम
राजाओं के राजा हो तुम
सारे जहाँ के बादशाह हो तुम
मेरी कल्पना से सुंदर हो तुम
मेरी सोच से भी बेहतर हो तुम
मेरी कल्पना से सुंदर हो तुम
मेरी सोच से भी बेहतर हो तुम
1. परमेश्वर की अकल्पनीय सुंदरता और महानता
गीत की शुरुआत “मेरी कल्पना से सुंदर हो तुम, मेरी सोच से भी बेहतर हो तुम” बोलों से होती है। यह स्वीकारोक्ति है कि परमेश्वर का स्वभाव और उसका प्रेम हमारी समझ से परे है।
- इफिसियों 3:20: “अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी विनती और सोच से कहीं बढ़कर काम कर सकता है, उस सामर्थ्य के अनुसार जो हम में कार्य करता है।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन इस बात की पुष्टि करता है कि परमेश्वर की क्षमता और उसका स्वरूप हमारी सीमित बुद्धि या कल्पना में नहीं समा सकता। वह उससे कहीं अधिक महान है जितना हम कभी सोच भी सकते हैं।
2. परमेश्वर हमारी चट्टान और सामर्थ्य
गीत में उसे “मेरी चट्टान मेरा बल” कहा गया है, जो संकट के समय हमारे अडिग आधार को दर्शाता है।
- भजन संहिता 18:2: “यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूँ, वह मेरी ढाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है।”
- स्पष्टीकरण: जब जीवन में तूफान आते हैं, तो परमेश्वर वह स्थिर नींव है जिस पर हम खड़े हो सकते हैं। वह न केवल सुरक्षा देता है, बल्कि हमें आगे बढ़ने के लिए बल (सामर्थ्य) भी प्रदान करता है।
3. राजाओं का राजा और प्रभु का प्रभु
गीत का मुख्य केंद्र “राजाओं के राजा हो तुम, सारे जहाँ के बादशाह हो तुम” है। यह उसकी सर्वोच्च सत्ता की घोषणा है।
- प्रकाशितवाक्य 19:16: “और उसके वस्त्र और जाँघ पर यह नाम लिखा है, ‘राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु’।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन प्रभु यीशु मसीह के अंतिम और पूर्ण अधिकार को प्रकट करता है। इस जगत के सभी अधिकारी और राजा उसके अधीन हैं, और अंततः हर घुटना उसके सामने झुकेगा।
- 1 तीमुथियुस 6:15: “जिसे वह ठीक समयों पर दिखाएगा, जो धन्य और एकमात्र अद्वैत अधिपति और राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु है।”
4. विपत्ति में सहारा और हृदय की चाहत
“आफत में बने राहत हो तुम, जीवन की मन चाहत हो तुम” — ये पंक्तियाँ बताती हैं कि परमेश्वर संकट के समय शांति देने वाला और हमारे जीवन का एकमात्र लक्ष्य है।
- भजन संहिता 46:1: “परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।”
- स्पष्टीकरण: जब हम आफत (संकट) में होते हैं, तो परमेश्वर दूर नहीं बल्कि हमारे बहुत करीब होता है। वह “सहज से मिलने वाला सहायक” है जो हमें राहत प्रदान करता है।
- भजन संहिता 73:25: “स्वर्ग में मेरा और कौन है? और पृथ्वी पर तेरे सिवाय मैं और किसी को नहीं चाहता।”
5. अनंत महिमा और निरंतर आराधना
गीत के अंत में “ऐ मेरे खुदा तेरी महिमा हो सदा” के माध्यम से परमेश्वर की निरंतर स्तुति का आह्वान किया गया है।
- 1 इतिहास 16:29: “यहोवा की ऐसी महिमा करो जो उसके नाम के योग्य है; भेंट लेकर उसके सम्मुख आओ! पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो!”
- स्पष्टीकरण: हमारी इबादत का उद्देश्य परमेश्वर को वह आदर देना है जिसका वह हकदार है। उसकी महिमा केवल कुछ क्षणों के लिए नहीं, बल्कि सदा के लिए है।

