Ay Yahowa Yarri Lyrics

Ay Yahowa Yarri Lyrics
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ऐ यहोवा यरी Lyrics song

ऐ यहोवा यरी तू बड़ा है सखी
ऐ यहोवा यरी तू बड़ा है सखी
तेरे दर पे खड़ा, हर झोली मेरी है
यहोवा मेरी, यहोवा मेरी…

बड़ा मजबूर हूँ, तुझसे दूर भी हूँ
बड़ा मजबूर हूँ, तुझसे दूर भी हूँ
ठोकरें खा रहा, गम से मैं चूर हूँ
ठोकरें खा रहा, गम से मैं चूर हूँ
करके नजरें करम, थाम ले तू अभी
करके नजरें करम, थाम ले तू अभी
मुझ पे छाई रहे, तेरी रहमत बड़ी है
यहोवा यरी…

बड़ा कमजोर हूँ, क्योंकि जिस्म में हूँ
बड़ा कमजोर हूँ, क्योंकि जिस्म में हूँ
है ना समझ आ रही, ऐसी किस्म में हूँ
है ना समझ आ रही, ऐसी किस्म में हूँ
मुश्किलों में मेरी, है फंसी जिंदगी
मुश्किलों में मेरी, है फंसी जिंदगी
करके अपना रहम, कर मुझको बरी है
यहोवा यरी…

कर रहा हूँ दुआ, कर दे मुझको रिहा
कर रहा हूँ दुआ, कर दे मुझको रिहा
रूहे पाक को कर, मुझ पे नाजिल खुदा
रूहे पाक को कर, मुझ पे नाजिल खुदा
सुन के मेरी दुआ, है येशु नासरी
सुन के मेरी दुआ, है येशु नासरी
देके अपना मसा, कर किस्मत खरी
यहोवा यरी…

ऐ यहोवा यरी तू बड़ा है सखी
ऐ यहोवा यरी तू बड़ा है सखी
तेरे दर पे खड़ा, हर झोली मेरी है
यहोवा मेरी, यहोवा मेरी…

गीत का आध्यात्मिक सारांश और बाइबिल वचनों का स्पष्टीकरण

यह गीत एक टूटे हुए मन की पुकार है जो अपने सृजनहार “यहोवा यरी” (उपाय करने वाला परमेश्वर) के सामने अपनी निर्बलता और जरूरतों को रखता है। गीत का मूल भाव यह है कि मनुष्य चाहे कितना भी मजबूर, कमजोर या गमों से चूर क्यों न हो, परमेश्वर की रहमत और उसका अनुग्रह उसे हर मुश्किल से निकालने की सामर्थ्य रखता है।

1. यहोवा यरी: उपाय करने वाला परमेश्वर

गीत की मुख्य पंक्ति है, “ऐ यहोवा यरी तू बड़ा है सखी।” यहाँ ‘सखी’ का अर्थ है उदार और दान देने वाला। यह हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर हमारी हर जरूरत को पूरा करने वाला महान दाता है। बाइबिल वचन:

“और इब्राहीम ने उस स्थान का नाम यहोवा यरी रखा; इसके अनुसार आज तक भी कहा जाता है, कि यहोवा के पहाड़ पर उपाय किया जाएगा।” (उत्पत्ति 22:14)

स्पष्टीकरण: जिस प्रकार परमेश्वर ने इब्राहीम के लिए मेढ़े का उपाय किया, उसी प्रकार वह आज भी हमारे जीवन की कठिन परिस्थितियों में अद्भुत तरीके से उपाय करता है। वह हमारी खाली झोली को भरने वाला सामर्थ्यी परमेश्वर है।

2. निर्बलता में परमेश्वर का सहारा

गीत के बोल मनुष्य की विवशता को दर्शाते हैं: “बड़ा मजबूर हूँ, तुझसे दूर भी हूँ, ठोकरें खा रहा गम से मैं चूर हूँ।” यह एक पापी और थके हुए हृदय का अंगीकार है। बाइबिल वचन:

“हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।” (मत्ती 11:28)

स्पष्टीकरण: जब हम संसार की ठोकरें खाकर और दुखों से लदकर प्रभु के पास आते हैं, तो वह अपनी ‘नज़रे करम’ (अनुग्रह की दृष्टि) हम पर डालता है और हमें थाम लेता है। उसकी रहमत हमारी हर मजबूरी से बड़ी है।

3. शारीरिक कमजोरी और आत्मिक संघर्ष

गीत में शरीर की कमजोरी का उल्लेख है: “बड़ा कमजोर हूँ क्योंकि जिस्म में हूँ।” यह प्रेरित पौलुस के उस संघर्ष को दर्शाता है जहाँ आत्मा तो तैयार है पर शरीर दुर्बल है। बाइबिल वचन:

“परन्तु उसने मुझ से कहा, ‘मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है।’ इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ्य मुझ पर छाया करती रहे।” (2 कुरिन्थियों 12:9)

स्पष्टीकरण: जब हम स्वीकार करते हैं कि हम अपनी शारीरिक शक्ति से कुछ नहीं कर सकते, तब परमेश्वर का अनुग्रह हमारे जीवन में कार्य करना शुरू करता है। वह हमें हमारी मुश्किलों से ‘बरी’ (आजाद) करने की सामर्थ्य रखता है।

4. पवित्र आत्मा (रूहे पाक) का उतरना

गीत में प्रार्थना की गई है: “रूहे पाक को कर मुझ पे नाज़िल खुदा।” पवित्र आत्मा के बिना मसीही जीवन में जय प्राप्त करना असंभव है। बाइबिल वचन:

“परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।” (प्रेरितों 1:8)

स्पष्टीकरण: जब पवित्र आत्मा हम पर ‘नाज़िल’ (उतरता) होता है, तो वह हमें पाप और बंधनों से रिहा करता है। वह हमारी दुआओं को सुनने वाला और हमें सही मार्ग दिखाने वाला सहायक है।

5. मसह (अभिषेक) और बदली हुई किस्मत

गीत के अंत में प्रभु से ‘मसा’ (अभिषेक) माँगा गया है ताकि किस्मत ‘खरी’ (शुद्ध/श्रेष्ठ) हो जाए। मसीह में हमारी पुरानी पहचान खत्म हो जाती है और हम एक नई सृष्टि बन जाते हैं। बाइबिल वचन:

“परन्तु तुम्हारा तो उस पवित्र से अभिषेक हुआ है, और तुम सब कुछ जानते हो।” (1 यूहन्ना 2:20)

स्पष्टीकरण: परमेश्वर का अभिषेक हमारे जीवन के जुए को तोड़ देता है। जब यीशु नासरी हमारी दुआ सुनता है और अपना मसा हमें देता है, तो हमारी निराशा आशा में बदल जाती है और हमारा जीवन उसकी महिमा के लिए तैयार हो जाता है।

निष्कर्ष

यह गीत हमें सिखाता है कि चाहे हमारी जिंदगी मुश्किलों में फंसी हो या हम नासमझ हों, यदि हम विश्वास के साथ यहोवा यरी के दर पर खड़े होते हैं, तो वह हमें खाली हाथ नहीं लौटाता। वह ‘यशु नासरी’ है जो हमारी रिहाई का मार्ग खोलता है और अपनी रहमत से हमें ढांप लेता है।


बाइबिल का संदेश: “मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा के साथ मसीह यीशु में है, तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा।” (फिलिप्पियों 4:19)

Ay Yahowa Yarri Lyrics in hindi

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