Ik Hor Hai Saal Nava Sanu Dita Yeshu Ne Lyrics

Ik Hor Hai Saal Nava Sanu Dita Yeshu Ne Lyrics
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इक होर है साल नवां सानू दित्ता येसु ने Lyrics song

Ik Hor Hai Saal Nava Sanu Dita Yeshu Ne Lyrics

इक होर है साल नवां सानू दित्ता येसु ने
साडे उत्ते रहमों करम ए किता येसु ने
साल नवां ओहदे नाल रवां करा एनी ही गुज़ारिश मैं
अड़ेया रवां मैं खड़ेया रवां, करा ओहदी ही सिताईश मैं
याद रखा जी प्याला पीता येसु ने
होर है साल नवा…….

1. बीते साल जिवे सानू रखेया संम्भाल
अग्गे वी औदा ही ओह रहेगा साडे नाल
साडे नाल है वायदा ए किता येसु ने
होर है साल नवा…….

2. नवा साल जिंदगी नू नवा करेगा
साडे विच्च येसु नवा ज़ोर भरेगा
वांग उकाबा ऊंचा कित्ता येसु ने
होर है साल नवा……..

3. बितेया गुनाहा नू ना हुण दोहरावांगे
येसु देया वचना नू हुण अपनावांगे
खास हथियार सानूं दिता येसु ने
होर है साल नवा……..

ओहदे दर ते वजदे रेहणै, ढोल नगाड़े छेणै
मेरे येसु दे की केहणै, मैं रोला पा पा दसणा
ढोलिया छेड़ रूहानी तालां, मैं रूह विच्च नच्चना

गीत का आध्यात्मिक सारांश

यह गीत मुख्य रूप से ‘इब्ने खुदा’ (परमेश्वर के पुत्र) के उस दुखद किंतु गौरवशाली बलिदान पर आधारित है, जो उन्होंने समस्त मानव जाति के उद्धार के लिए दिया। गीत का सारांश निम्नलिखित बिंदुओं में निहित है:

  1. बदले का बलिदान: गीत का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह है कि जो मृत्यु और दंड हमारा था, उसे यीशु ने स्वेच्छा से अपने ऊपर ले लिया। “मेरे हिस्से दी मौत मर गया” यह पंक्ति दर्शाती है कि क्रूस पर चढ़ना यीशु की अपनी कोई सजा नहीं थी, बल्कि हमारे पापों का प्रायश्चित था।
  2. असहनीय पीड़ा और प्रेम: गीत कलवरी के उन घावों का वर्णन करता है—कांटों का ताज, हाथों में कीलें और शरीर पर पड़े कोड़ों के निशान। यह शारीरिक पीड़ा उनके उस असीम प्रेम को प्रकट करती है जो वे अपने शत्रुओं से भी करते हैं।
  3. शापों से मुक्ति: गीत हमें याद दिलाता है कि हम अपने पूर्वजों के शापों और अपने गुनाहों की जंजीरों में जकड़े हुए थे। मसीह के पवित्र लहू ने उन जंजीरों को तोड़ दिया और हमें एक नई पहचान दी।
  4. मसीह की असीम वफा: अपनों के द्वारा छोड़ दिए जाने और सताने वालों के ठट्ठों (मजाक) के बावजूद, यीशु ने क्रूस पर से क्षमा का संदेश दिया। उन्होंने उस कड़वे प्याले को अंत तक पिया ताकि हमें जीवन का जल मिल सके।

पवित्र बाइबल के वचन और स्पष्टीकरण

यहाँ इस गीत के भावों को पुष्ट करने वाले प्रमुख बाइबल वचन दिए गए हैं:

१. हमारे बदले में दंड सहना

“परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।” (यशायाह 53:5)

  • स्पष्टीकरण: यह वचन गीत की आत्मा है। यह स्पष्ट करता है कि यीशु का घायल होना और कुचला जाना हमारे अपराधों के कारण था। उनकी ताड़ना ने हमें परमेश्वर के साथ शांति दिलाई।

२. परमेश्वर का प्रेम और इकलौता पुत्र

“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।” (यूहन्ना 3:16)

  • स्पष्टीकरण: गीत में प्रयुक्त शब्द ‘इब्ने खुदा’ इसी सत्य को दर्शाता है कि पिता परमेश्वर ने हमसे इतना प्रेम किया कि अपने सबसे प्रिय पुत्र को भी हमारे लिए बलिदान कर दिया।

३. अपमान और कांटों का ताज

“और उन्होंने कांटों का मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा, और उसके दाहिने हाथ में एक सरकंडा दिया; और उसके आगे घुटने टेककर उसे ठट्ठों में उड़ाने लगे, कि ‘हे यहूदियों के राजा, नमस्कार!'” (मत्ती 27:29)

  • स्पष्टीकरण: गीत में जब हम यीशु के अपमान के बारे में सुनते हैं, तो यह वचन उस घड़ी की याद दिलाता है। उन्होंने इस अपमान को इसलिए सहा ताकि हमें महिमा का मुकुट मिल सके।

४. कीलों से बिंधे हाथ और पैर

“वे मेरे हाथ और मेरे पांव छेदते हैं। मैं अपनी सब हड्डियां गिन सकता हूं; वे मुझे ताकते और निहारते हैं।” (भजन संहिता 22:16-17)

  • स्पष्टीकरण: यह भजन संहिता की भविष्यवाणी क्रूस के दृश्यों का सटीक वर्णन करती है। गीत में जिस ‘जख्मी बदन’ की बात है, वह इसी क्रूरता का परिणाम था।

५. लहू के द्वारा छुटकारा

“उसी में हमको उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।” (इफिसियों 1:7)

  • स्पष्टीकरण: गीत में कहा गया है कि उनके लहू ने हमें आज़ाद किया। यह वचन पुष्ट करता है कि हमारी क्षमा और छुटकारा केवल और केवल यीशु के बहाए गए लहू के माध्यम से ही संभव है।

६. पापों को ढंकने वाला बलिदान

“दूसरे दिन उसने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, ‘देखो, यह परमेश्वर का मेमना है, जो जगत का पाप उठा ले जाता है!'” (यूहन्ना 1:29)

  • स्पष्टीकरण: गीत में ‘दुनिया दा भार’ उठाने का अर्थ यही है कि यीशु ने वह पाप बलि बनकर हमारे सारे गुनाह अपने ऊपर ले लिए।

७. सताने वालों के लिए क्षमा

“तब यीशु ने कहा, ‘हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये जानते नहीं कि क्या कर रहे हैं’।” (लूका 23:34)

  • स्पष्टीकरण: गीत में मसीह की जिस वफा और दया का वर्णन है, वह इस वचन में चरितार्थ होती है। अपनी पीड़ा के चरम पर भी उन्होंने प्रतिशोध के बजाय प्रेम को चुना।

Ik Hor Hai Saal Nava Sanu Dita Yeshu Ne Lyrics in hindi

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