Akhiyaan Chukna Haan Main Lyrics

Akhiyaan Chukna Haan Main Lyrics
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अखियां चुकनां हां मैं वल्ल पहाड़ां Lyrics song

Akhiyaan Chukna Haan Main Lyrics

अखियां चुकनां हां मैं वल्ल पहाड़ां,
मदद लई मैं किस नू पुकारां
अखियां चुकना हां…..

1. मेरी मदद नू रब्ब आपे आया,
जिस ने धरती आकाश बनाया
तेरे पेरां नू देवे खलारा, मदद लई मैं किस नू पुकारां
अखियां चुकना हां…..

2. दिने सूरज ना तैंनू सतावे,
राती चंन वी ना कुज्ज दुख पहुंचावे
खौफ खावेंगा ना विच्च उजाड़ां, मदद लई मैं किस नू पुकारां
अखियां चुकना हां…..

3. तेरा रब्ब तैंनू आपे बचांदा, सारी बदियां तो तैंनू छुडांदा
तेरी ज़िन्दगी दीयां रखदा ओह ताड़ां
मदद लई मैं किस नू पुकारां, अखियां चुकना हां…..

4. तेरा राखा ना कदी उंगलावे, तेरे रब्ब नू निंदर वी ना आवे
इस्राएल दियां रखदा ओह ताड़ां
मदद लई मैं किस नू पुकारां, अखियां चुकना हां…..

5. आपे तेरा यहोवा रखवाला, तेरे उत्ते ओह छां करने वाला
शुकर ओसे दा हर दम गुजारां,
मदद लई मैं किस नू पुकारां अखियां चुकना हां……

भजन का मुख्य सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण

यह ज़बूर एक विश्वासी के अटूट भरोसे और खुदावंद की सर्वव्यापी सुरक्षा का जीवंत प्रमाण है। गीत का केंद्रीय संदेश यह है कि जब हम इस संसार की कठिनाइयों और अकेलेपन में चारों तरफ देखते हैं, तो हमें किसी इंसान से सहायता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। हमारी वास्तविक मदद केवल उस यहोवा से आती है, जिसने इस पूरे ब्रह्मांड को रचा है। वह हमारा ऐसा राखा (रखवाला) है जो दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक, और कलीसिया से लेकर बीहड़ जंगलों (उजाड़ों) तक हमारी रक्षा करता है।

बाइबल के पवित्र वचनों के आधार पर इस गीत का विस्तृत स्पष्टीकरण निम्नलिखित है:

1. पहाड़ों की ओर आँखें उठाना और सृष्टिकर्ता से मदद (मुख्य भाग और अंतरा 1)

गीत की शुरुआत एक खोजी आत्मा की पुकार से होती है, जो अपनी आँखें (अखियां) पर्वतों की ओर उठाकर अपनी मदद के स्रोत को पहचानती है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“मैं अपनी आँखें पर्वतों की ओर उठाऊँगा। मुझे सहायता कहाँ से मिलेगी? मुझे सहायता यहोवा से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।” (भजन संहिता 121:1-2)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“वह तेरे पाँव को फिसलने न देगा, तेरा रखवाला कभी न ऊँघेगा।” (भजन संहिता 121:3)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: जब जीवन में मुश्किलें पहाड़ बनकर खड़ी हो जाती हैं, तब यह गीत हमें सिखाता है कि हमारी मदद किसी सांसारिक शक्ति से नहीं बल्कि ‘रब्ब’ से आएगी। ‘तेरे पेरां नू देवे खलारा’ का अर्थ है कि वह हमारे पैरों को स्थिरता देगा, हमें डगमगाने या आत्मिक रूप से फिसलने नहीं देगा। वह हमें चट्टान पर दृढ़ता से खड़ा करता है।

2. धूप, चांदनी और उजाड़ के खौफ से सुरक्षा (अंतरा 2)

यह भाग मौसम की मार, गुप्त प्रहारों और सुनसान रास्तों (उजाड़ों) में मिलने वाले स्वर्गीय संरक्षण की गवाही देता है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“न तो दिन को धूप से तेरी कुछ हानि होगी, और न रात को चाँदनी से।” (भजन संहिता 121:6)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है; न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महामारी से जो दुपहरी में उजाड़ती है।” (भजन संहिता 91:5-6)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: ‘दिने सूरज’ और ‘राती चंन’ का संदर्भ जीवन की दिन-रात की परिस्थितियों से है। दिन की परेशानियां (जैसे कड़ी मेहनत या सतावट) और रात के गुप्त खतरे (जैसे मानसिक तनाव या दुष्ट आत्माओं के हमले) विश्वासी को कोई ‘दुख’ नहीं पहुंचा सकते। यहाँ तक कि जब मनुष्य ‘उजाड़ां’ (विपत्ति या अकेलेपन के दौर) से गुजरता है, तब भी मसीह का अनुग्रह उसके मन से हर प्रकार का ‘खौफ’ (डर) दूर कर देता है।

3. सारी बदिओं से छुटकारा और ज़िन्दगी की संभाल (अंतरा 3)

यह अंतरा परमेश्वर की उस सामर्थ्य को प्रगट करता है जो हमें हर प्रकार की बुराई (बदी) से बचाकर हमारी आत्मिक आयु की रक्षा करती है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“यहोवा सब विपत्तियों से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।” (भजन संहिता 121:7)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“परन्तु प्रभु विश्वासयोग्य है; वह तुम्हें दृढ़ करेगा और उस दुष्ट से सुरक्षित रखेगा।” (2 थिस्सलुनीकियों 3:3)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: ‘सारी बदियां तो तैंनू छुडांदा’ का अर्थ है कि परमेश्वर हमें न केवल शारीरिक नुकसान से बचाता है, बल्कि पाप और शैतान के जालों से भी छुड़ाता है। ‘तेरी ज़िन्दगी दीयां रखदा ओह ताड़ां’ का अर्थ है कि वह हमारे जीवन की एक-एक घड़ी और सांस की ताड़ (निगरानी) रखता है। हमारी आत्मा उसकी सुरक्षित हथेलियों में छिपी हुई है।

4. इस्राएल का न सोने वाला राखा (अंतरा 4)

यह भाग परमेश्वर की उस शाश्वत जाग्रत अवस्था को दिखाता है जो इंसानी सीमाओं से परे है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“देख, इस्राएल का रखवाला न ऊँघेगा और न सोएगा।” (भजन संहिता 121:4)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“यहोवा की आँखें धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उनकी दुहाई की ओर कान लगाए रहते हैं।” (भजन संहिता 34:15)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: मनुष्य थक जाता है और उसे निंदर (नींद) आ जाती है, जिससे उसकी सुरक्षा में चूक हो सकती है। परंतु ‘तेरा राखा ना कदी उंगलावे’—हमारा परमेश्वर कभी नहीं ऊंघता। वह अपनी कलीसिया (इस्राएल) पर रात-दिन टकटकी लगाए पहरा देता है। जब हम सो रहे होते हैं, तब भी हमारा जीवित रब्ब हमारे चारों ओर स्वर्गदूतों का पहरा नियुक्त रखता है।

5. यहोवा की शीतल छाया और हर दम शुकराना (अंतरा 5)

गीत का समापन परमेश्वर को अपनी दाहिनी ओर की छाया मानकर उसका हर समय धन्यवाद (शुकर) करने के आह्वान के साथ होता है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“यहोवा तेरा रखवाला है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी छाया है।” (भजन संहिता 121:5)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“हर बात में धन्यवाद करो; क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।” (1 थिस्सलुनीकियों 5:18)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: जब संसार की मुसीबतें कड़ी धूप की तरह हमें झुलसाने आती हैं, तब यहोवा हमारे ऊपर ‘छां’ (शीतल छाया) बन जाता है, जिससे हमें आत्मिक शांति मिलती है। ऐसी अचूक और महान सुरक्षा को पाकर एक विश्वासी का हृदय भर आता है और वह कहता है कि ‘शुकर ओसे दा हर दम गुजारां’ अर्थात् मैं हर सांस के साथ उस महान खुदावंद का धन्यवाद करता हूँ।

निष्कर्ष: यह ज़बूर/गीत हमें पूरी तरह निडर बनाने वाला सुसमाचार है। यह हमें याद दिलाता है कि जब हम खुद को असहाय पाएं, तो हमें यहोवा की ओर देखना चाहिए क्योंकि हमारी मदद का वादा अटल है। यह पोस्ट पढ़ने वाले हर एक व्यक्ति को यह आत्मिक आश्वासन देती है कि उनका राखा परमेश्वर स्वयं है, जो उनके आने-जाने में उनकी रक्षा अब से लेकर सर्वदा तक करता रहेगा।

Akhiyaan Chukna Haan Main Lyrics in hindi

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