Aaya Masiha Aaya Hai lyrics in hindi
आया है, आया है,
आया मसीहा आया है ....4
दुनिया में देखो,
कैसा आनंद छाया है ....2
आया आया मसीहा आया है ...2
जीवन लाया है, शांति लाया है,
मुक्ति लाया है, बरकत लाया है
आया आया मसीहा आया है ....2
आया है, आया है,
आया मसीहा आया है ...2
एक पुश्त जाती है, दूसरी आती है
यीशु जी की महिमा हमें सुनाती है ....2
पाक वचन में हमने पढ़ा है
यीशु है जग का मसीहा
रोटी के घर में, जन्म लिया था
बेथलेहम कहलाया,
जीवन की रोटी, वो बनके आया है ....2
आया है, आया है,
आया मसीहा आया है ....2
आओ चलें .....2
आओ चलो और सबसे कहें
सबको बताएं, वो है मसीहा
वो मुक्तिदाता, नजात दहेन्दा
गाते चलें और बताते चलें
जीवन के नगमें सुनाते चलें
आओ चलें, आओ चलें ....2
आया है, आया है, आया है,
यीशु आया है ....4
दुनिया में देखो,
कैसा आनंद छाया है .....2
आनंद आनंद आनंद छाया है ...2
तो आओ चलें, सबको बताएं
कि मुक्तिदाता आ गया है
चरनी से सीधा,
हमारे दिलों में आ गया है
और हमें स्वर्ग के राज्य का,
अधिकारी बना दिया है
भजन का सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह सुंदर मसीही गीत प्रभु यीशु मसीह के इस पृथ्वी पर आगमन, उनके जन्म के उद्देश्य और मानव जाति के लिए मिलने वाले आनंद, शांति और मुक्ति का एक अद्भुत संदेश है। इस गीत की प्रत्येक पंक्ति बाइबल के पवित्र वचनों और भविष्यद्वाणियों को पूरा करती है। यहाँ गीत के मुख्य संदेशों का बाइबल वचनों के साथ स्पष्टीकरण दिया गया है:
1. मसीहा का आगमन और आनंद की घोषणा
गीत की शुरुआत आनंद और उल्लास के साथ होती है कि संसार में उद्धारकर्ता आ चुका है और उसके आने से पूरी सृष्टि में आनंद छा गया है [00:32]।
- बाइबल का पवित्र वचन:“परन्तु दूत ने उनसे कहा, ‘मत डरो; क्योंकि देखो, मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूँ जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।'” (लूका 2:10-11)
- स्पष्टीकरण: प्रभु यीशु मसीह का जन्म किसी एक जाति या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानव जाति के लिए आनंद का विषय है। जब पाप के कारण मनुष्य ईश्वर से दूर हो गया था, तब यीशु मसीह इस संसार में मानव रूप धारण करके आए ताकि हर एक विश्वास करने वाले को मुक्ति मिल सके।
2. जीवन, शांति, मुक्ति और बरकत का स्रोत
गीत में घोषित किया गया है कि मसीहा अपने साथ जीवन, शांति, मुक्ति और बरकत (आशीष) लेकर आया है [00:43]।
- बाइबल का पवित्र वचन (शांति और जीवन के लिए):“क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके काँधे पर होगी, और उसका नाम अद्भुत युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा।” (यशायाह 9:6) “चोर किसी और काम के लिये नहीं, परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्ट करने को आता है; मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएँ, और बहुतायत से पाएँ।” (यूहन्ना 10:10)
- स्पष्टीकरण: यीशु मसीह ही “शांति के राजकुमार” हैं। उनके आने से मनुष्य को न केवल इस संसार की चिंताओं से शांति मिलती है, बल्कि परमेश्वर के साथ भी मेल-मिलाप की सच्ची शांति प्राप्त होती है। वे हमें अनंत जीवन की आशीष देने आए हैं।
3. बेतलेहेम (रोटी का घर) और जीवन की रोटी
गीत की पंक्तियों में इस बात का विशेष वर्णन है कि प्रभु ने बेतलेहेम में जन्म लिया, जिसे ‘रोटी का घर’ कहा जाता है, और वे स्वयं हमारे लिए ‘जीवन की रोटी’ बनकर आए [02:04]।
- बाइबल का पवित्र वचन (जन्म स्थान की भविष्यवाणी):“हे बेतलेहेम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हज़ारों में गिना नहीं जाता, तो भी तुझ में से मेरे लिये एक पुरुष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीनकाल से, वरन अनादि काल से होता आया है।” (मीका 5:2)
- बाइबल का पवित्र वचन (जीवन की रोटी):“यीशु ने उनसे कहा, ‘जीवन की रोटी मैं हूँ: जो मेरे पास आता है वह कभी भूखा न होगा, और जो मुझ पर विश्वास करता है वह कभी प्यासा न होगा।'” (यूहन्ना 6:35)
- स्पष्टीकरण: बेतलेहेम का शाब्दिक अर्थ ‘रोटी का घर’ होता है। मीका नबी की सैकड़ों वर्ष पुरानी भविष्यवाणी के अनुसार यीशु ने वहीं जन्म लिया। जिस प्रकार आत्मिक तृप्ति के बिना मनुष्य का आत्मिक जीवन मृत है, उसी प्रकार यीशु मसीह स्वयं जीवन की रोटी बनकर आए ताकि जो कोई उन पर विश्वास करे, वह आत्मिक रूप से कभी भूखा न रहे और अनंत जीवन पाए।
4. पीढ़ी दर पीढ़ी मसीह की महिमा
गीत में गवाही दी गई है कि एक पीढ़ी जाती है और दूसरी पीढ़ी आती है, लेकिन यीशु मसीह की महिमा और सुसमाचार हमेशा जीवित रहता है [01:39]।
- बाइबल का पवित्र वचन:“एक पीढ़ी जाती है, और दूसरी पीढ़ी आती है, परन्तु पृथ्वी सर्वदा बनी रहती है।” (सभोपदेशक 1:4) “तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है; तू ने पृथ्वी को स्थिर किया, इसलिये वह बनी रहती है।” (भजन संहिता 119:90)
- स्पष्टीकरण: संसार की रीतियाँ और मनुष्य बदल जाते हैं, परंतु परमेश्वर का प्रेम, उसका वचन और उसकी महिमा कभी नहीं बदलती। सदियों से लोग मसीह के सुसमाचार को सुनते और सुनाते आ रहे हैं और यह सत्य आज भी उतना ही सामर्थी है।
5. चरनी से सीधा दिल में आना
गीत के अंत में एक बहुत ही गहरी आत्मिक बात कही गई है कि जो मसीहा कभी बेतलेहेम की चरनी में जन्मा था, आज वह सीधा हमारे दिलों में निवास करने आया है [03:27]।
- बाइबल का पवित्र वचन:“देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा, और वह मेरे साथ।” (प्रकाशितवाक्य 3:20) “कि मसीह विश्वास के द्वारा तुम्हारे हृदयों में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर…” (इफिसियों 3:17)
- स्पष्टीकरण: यीशु मसीह का जन्म केवल इतिहास की एक घटना नहीं है। सच्ची क्रिसमस और सच्चा आनंद तब होता है जब हम अपने हृदय का द्वार उनके लिए खोलते हैं। जब वे हमारे दिलों में आते हैं, तो हमें पापों से मुक्ति देकर स्वर्ग के राज्य का वारिस बना देते हैं [04:05]।
निष्कर्ष: यह भजन हमें याद दिलाता है कि मसीहा का आना पूरी दुनिया के लिए उद्धार का मार्ग है। आइए, हम भी चरनी के बालक यीशु को अपने हृदयों का राजा बनाएं और इस सुसमाचार को संसार के कोने-कोने तक पहुंचाएं।



