मैं दिल वाला बूहा खोलेया Lyrics song
मैं दिल वाला बूहा खोलेया,
ओहने खोलते ख़ज़ाने आपणे -2
ओदो येसु आण गल ला लेया,
येसु आण गल ला लेया,
जदो हो गये सी बेगाने आपणे,
मैं दिल वाला बूहा खोलेया…..
1. मुक्क गईया फिकरा,
ते छू लिया सिखरा,
हो गये शर्मिंदा जेहड़े करदे सी टिचरा-2
क्योंकि राजेया दे राजे नाल जी,
हुण होंगे ने याराने आपणे -2
ओदो येसु आण गल ला…
2. वैरी दी ना मेरे उत्ते,
चलणी कोई चाल ए,
क्योंकि ए यहोवा मेरी बण गया ढाल ए-2
मैं शैतान नू वी ताड़ के केहा,
रख सांभ के निशाने आपणे -2
ओदो येसु आण गल ला…
3. येसु दीया रहमता दा,
मेरा मन मोहताज़ ए,
ज़िन्दगी च मेरी हुण येसु जी दा राज़ ए-2
मूसा वांग ही बचौण तुरेया,
नाल सारे ही घराने आपणे-2
ओदो येसु आण गल ला…
गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचन का स्पष्टीकरण
यह आराधना गीत एक विश्वासी के जीवन में आने वाले उस महान आत्मिक और भावनात्मक बदलाव को दर्शाता है, जो प्रभु यीशु मसीह को अपने जीवन में आमंत्रित करने से मिलता है। गीत का मुख्य संदेश यह है कि जब मनुष्य संसार से निराश होकर अपने हृदय का द्वार मसीह के लिए खोलता है, तो प्रभु उसे न केवल अपने स्वर्गीय खजानों से भर देते हैं, बल्कि हर एक विपरीत परिस्थिति, विरोधियों और दुष्टात्मा की चालों पर उसे एक जयवंत जीवन प्रदान करते हैं।
नीचे गीत के मुख्य अर्थों के साथ सटीक और पूरे बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण दिया गया है:
1. हृदय का द्वार खोलना और स्वर्गीय आशीषों का मिलना
“मैं दिल वाला बूहा खोलेया, ओहने खोलते ख़ज़ाने आपणे, ओदो येसु आण गल ला लेया, जदो हो गये सी बेगाने आपणे…”
स्पष्टीकरण: जब मनुष्य पाप और अकेलेपन से थक जाता है, और जब संसार के अपने लोग भी उसे छोड़ देते हैं, तब प्रभु यीशु मसीह उसे अपने गले से लगाते हैं। ‘दिल का बूहा (दरवाजा) खोलना’ परमेश्वर के सामने पूर्ण समर्पण को दर्शाता है। जैसे ही हम मसीह को अपने जीवन में आने की अनुमति देते हैं, वह हमारे लिए स्वर्ग के आत्मिक और असीम आशीषों के खजाने खोल देते हैं।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- प्रकाशितवाक्य 3:20 – “देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा, और वह मेरे साथ।”
- भजन संहिता 27:10 – “मेरे माता-पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्हालेगा।”
- इफिसियों 1:3 – “हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आत्मिक आशीष दी है।”
2. चिंताओं का अंत और राजाओं के राजा से संगति
“मुक्क गईया फिकरा, ते छू लिया सिखरा, हो गये शर्मिंदा जेहड़े करदे सी टिचरा, क्योंकि राजेया दे राजे नाल जी, हुण होंगे ने याराने आपणे…”
स्पष्टीकरण: इस भाग में विश्वासी गवाही देता है कि मसीह के जीवन में आने से उसकी सारी सांसारिक चिंताएँ (फिकरा) समाप्त हो गई हैं और वह आत्मिक ऊंचाइयों (सिखरा) को छू रहा है। जो लोग पहले उसका मजाक (टिचरा) उड़ाते थे, वे परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर हैरान और शर्मिंदा हैं। जब हमारी संगति और मित्रता (याराने) ब्रह्मांड के मालिक और राजाओं के राजा प्रभु यीशु से हो जाती है, तो हमारा जीवन पूरी तरह से सुरक्षित हो जाता है।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- 1 पतरस 5:7 – “और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उस को तुम्हारा ध्यान है।”
- भजन संहिता 23:5 – “तू मेरे सताने वालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमड़ रहा है।”
- प्रकाशितवाक्य 19:16 – “और उसके वस्त्र और जांघ पर यह नाम लिखा है: ‘राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु’।”
3. यहोवा का ढाल बनना और शैतान पर विजय
“वैरी दी ना मेरे उत्ते चलणी कोई चाल ए, क्योंकि ए यहोवा मेरी बण गया ढाल ए, मैं शैतान नू वी ताड़ के केहा, रख सांभ के निशाने आपणे…”
स्पष्टीकरण: एक विश्वासी का सामना लगातार आत्मिक युद्ध में दुष्ट शक्तियों से होता है। परंतु गीत का यह भाग घोषित करता है कि हमारा वैरी शैतान चाहे जितनी भी युक्तियाँ या चालें चले, वह कभी सफल नहीं हो सकता क्योंकि स्वयं जीवित परमेश्वर यहोवा हमारी ढाल और सुरक्षा का किला बन गया है। मसीह के नाम के अधिकार से विश्वासी शैतान को डांटकर (ताड़ के) भगा सकता है और उसकी हर एक योजना को पूरी तरह से विफल कर सकता है।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- भजन संहिता 28:7 – “यहोवा मेरा बल और मेरी ढाल है; उस पर भरोसा रखने से मेरे मन को सहायता मिली है; इसलिये मेरा मन प्रफुल्लित है; और मैं गीत गाकर उसका धन्यवाद करूँगा।”
- याकूब 4:7 – “इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ; और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।”
- इफिसियों 6:16 – “और उन सब के साथ विश्वास की ढाल लेकर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको।”
4. मसीह का राज्य और संपूर्ण घराने का उद्धार
“येसु दीया रहमता दा मेरा मन मोहताज़ ए, ज़िन्दगी च मेरी हुण येसु जी दा राज़ ए, मूसा वांग ही बचौण तुरेया, नाल सारे ही घराने आपणे…”
स्पष्टीकरण: अंतिम भाग में विश्वासी स्वीकार करता है कि उसका जीवन पूरी तरह से यीशु मसीह के अनुग्रह (रहमता) और उनकी मर्जी पर निर्भर है। अब उसके जीवन पर संसार का नहीं, बल्कि मसीह का शासन (राज़) है। जैसे पुराने नियम में परमेश्वर ने मूसा नबी का इस्तेमाल करके पूरे इस्राएली घराने को गुलामी से बचाया था, वैसे ही प्रभु यीशु मसीह आज एक विश्वासी के द्वारा उसके पूरे परिवार और घराने को पाप और विनाश से बचाकर उद्धार की ओर ले जाते हैं।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- प्रेरितों के काम 16:31 – “उन्होंने कहा, ‘प्रभु यीशु पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा’।”
- यहोशू 24:15 – “परन्तु मैं और मेरा घराना तो यहोवा ही की सेवा करेंगे।”
- रोमियों 6:14 – “तब तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के अधीन नहीं वरन अनुग्रह के अधीन हो।”
