सारी इज्ज़त और सारा जलाल Lyrics song
सारी इज्ज़त और सारा जलाल
येसु तेरे नाम को
सारी अजमत सारा कमाल
येसु तेरे नाम को
सारी इज्जत……
1. तेरी मानिद कोई खुदा न हर सु तेरा पहरा है
तेरे प्यार की हद न कोईसागर से भी गहरा है
सारी कुदरत हस्नो जलाल
येसु तेरे नाम को सारी इज़्ज़त….
2. तेरी परस्तिश करते हैं हम तेरी ऊँची शान है
तेरे दम से जीवन में दम, तुझ पे ही मेरा ईमान है
सारी हशमत याहो जलाल
येसु तेरे नाम को
सारी इज़्ज़त……..
गीत का आत्मिक सारांश (Song Summary)
यह गीत पूरी तरह से प्रभु यीशु मसीह की आराधना, उनकी संप्रभुता, और उनकी असीम महिमा को समर्पित है। गीत का मुख्य विषय यह है कि इस पूरी सृष्टि में आदर, महिमा, जलाल (तेज) और सामर्थ्य केवल और केवल यीशु के नाम को ही मिलनी चाहिए। यह गीत विश्वासियों को याद दिलाता है कि परमेश्वर का प्रेम असीमित है, जिसकी गहराई की तुलना हम सागर से भी नहीं कर सकते। वह हर पल अपने लोगों की सुरक्षा करता है और उसका पहरा हमारे चारों ओर बना रहता है।
गीत का हर एक शब्द मसीह की अद्वितीयता को दर्शाता है कि उसके समान कोई दूसरा परमेश्वर नहीं है। जब हम उसकी आराधना (परस्तिश) करते हैं, तो हम स्वीकार करते हैं कि हमारा जीवन, हमारी हर एक साँस और हमारा पूरा विश्वास सिर्फ उसी पर टिका है। यह सारांश हमें सिखाता है कि मसीह ही हमारे जीवन का आधार और हमारी आराधना का एकमात्र केंद्र है।
गीत से जुड़े बाइबल के मुख्य वचन और स्पष्टीकरण
इस गीत के भावों को गहराई से समझने के लिए बाइबल के इन पवित्र वचनों को देखें, जहाँ परमेश्वर की महिमा, सुरक्षा, प्रेम और आराधना का स्पष्ट वर्णन मिलता है:
1. यीशु के नाम की महिमा और जलाल
गीत की मुख्य पंक्ति “सारी इज़्ज़त और सारा जलाल, येसु तेरे नाम को” सीधे तौर पर बाइबल के इस सत्य को प्रकट करती है कि हर एक घुटना यीशु के नाम के आगे टिकेगा और सब उसी को महिमा देंगे।
- फिलिप्पियों 2:9-11“इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। कि यीशु के नाम पर हर एक घुटना टिके—चाहे वह स्वर्गियों का हो, चाहे पृथ्वी पर के लोगों का, चाहे पृथ्वी के नीचे के लोगों का हो—और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन प्रमाणित करता है कि परमेश्वर पिता ने यीशु के नाम को सबसे ऊँचा स्थान दिया है, इसलिए सारी इज़्ज़त और जलाल केवल उसी के नाम का अधिकार है।
2. परमेश्वर की अद्वितीयता और उसका पहरा (सुरक्षा)
अंतर की पंक्ति “तेरी मानिद कोई खुदा न हर सु तेरा पहरा है” परमेश्वर की अतुलनीयता और उसकी निरंतर सुरक्षा को दर्शाती है।
- भजन संहिता 86:8“हे प्रभु, देवताओं में तेरे समान कोई नहीं, और तेरे कामों के तुल्य कोई काम नहीं।”
- भजन संहिता 121:7-8“यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा। यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर सर्वदा तक करता रहेगा।”
- स्पष्टीकरण: बाइबल स्पष्ट करती है कि सृष्टि में कोई भी खुदा यीशु के समान नहीं है। वह “हर सू” यानी हर दिशा में अपने दूतों के माध्यम से हमारा पहरा करता है और हमें हर बुराई से बचाता है।
3. मसीह के प्रेम की असीमित गहराई
गीत कहता है: “तेरे प्यार की हद न कोई सागर से भी गहरा है।” प्रभु यीशु का प्रेम मानव बुद्धि से परे और अनंत है।
- इफिसियों 3:18-19“कि तुम सब पवित्र लोगों के साथ भली-भांति समझ सको कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊँचाई, और गहराई कितनी है; और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की पूरी भरपूरी तक बढ़ जाओ।”
- रोमियो 5:8“परंतु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।”
- स्पष्टीकरण: सागर की तो एक सीमा होती है, लेकिन यीशु के प्रेम की कोई सीमा नहीं है। उसने हमारे पापों के लिए क्रूस पर अपना जीवन देकर अपने गहरे और असीम प्रेम को साबित कर दिया।
4. सच्ची आराधना और ऊँची शान
गीत के दूसरे भाग में कहा गया है: “तेरी परस्तिश करते हैं हम तेरी ऊँची शान है।” मसीह ही हमारी सच्ची आराधना के योग्य है।
- भजन संहिता 95:6“आओ, हम झुककर दण्डवत् करें, और अपने बनाने वाले यहोवा के सामने घुटने टेकें!”
- प्रकाशितवाक्य 4:11“हे हमारे प्रभु और परमेश्वर, तू ही महिमा, और आदर, और सामर्थ्य के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएं सृजीं और वे तेरी ही इच्छा से थीं और सृजी गईं।”
- स्पष्टीकरण: मसीह की शान सबसे ऊँची है क्योंकि वह पूरी सृष्टि का सृजनहार है। जब हम उसकी परस्तिश (आराधना) करते हैं, तो हम उसकी संप्रभुता को स्वीकार करते हैं।
5. जीवन का आधार और विश्वास (ईमान)
पंक्ति “तेरे दम से जीवन में दम, तुझ पे ही मेरा ईमान है” दर्शाती है कि हमारी हर साँस परमेश्वर के हाथ में है और हमारा विश्वास उसी पर दृढ़ है।
- अय्यूब 12:10“सारे जीव जन्तुओं का प्राण, और सब मनुष्यों की आत्मा उसी के हाथ में है।”
- इब्रानियों 12:2“और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुःख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।”
- स्पष्टीकरण: हमारा अस्तित्व और हमारी साँसें (दम) उसी की देन हैं। वह हमारे विश्वास (ईमान) का कर्ता और उसे पूरा करने वाला खुदा है।
निष्कर्ष (Conclusion)
यह गीत केवल गुनगुनाने के लिए नहीं, बल्कि मसीह की सामर्थ्य की गहरी घोषणा है। ऊपर दिए गए बाइबल के वचन इस बात की पुष्टि करते हैं कि जब हम यीशु के नाम को ऊँचा उठाते हैं, तो हम पूरी तरह से बाइबल के सत्यों पर आधारित होकर आराधना कर रहे होते हैं। इस गीत को गाते समय हमारा मन इन वचनों के अनुसार मसीह के जलाल, उसके गहरे प्रेम, और उसकी अटूट सुरक्षा के प्रति कृतज्ञता से भर जाना चाहिए।


