Mai Ki Ki Dsa Khubiya Lyrics

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मैं की की दस्सा खूबियां Lyrics song

मैं की की दस्सा खूबियां जो मेरे 
येशु विच्च ने, ग़म जेहदे साहमने 
सकदे ना टिक ने ओहदे कम्म 
वी अलग ते ओह आप वी अलग, 
सजदे च दूत जेहदे खड़े रेहंदे नित्त 
ने…

1. कौन लफ्ज़ा च येसु नू ब्यान 
कर सकदा, येसु दी जगह ते 
दूजा कौन खड़ सकदा चारो 
दिशावां मत्था टेकदिया येसु 
नू -2, होर वी जो जलवे बथेरे 
अणडिठ ने…

2. सुक्के मारुथलां विच्च येसु 
चश्मे बहोंदा ए, नदियां दा छोर 
कदे चुप वी करौंदा ए -2 साहां 
विच्च वस्सेया प्यार मेरे नासरी 
दा-2, पानी विच्च पानी जिवें हुंदे 
इक्क – मिक्क ने…

 3. सुखा च बदल देवें दुखा दी 
कहानी नू, मैं च बदल देवें येसु 
फिके पानी नू -2 शहद नालो 
वद्द मिठे बोल मेरे नासरी दे-2, 
सुण देया सार पौदे दिल विच्च –
खिच्च ने…

1. मुख्य मुखड़ा: यीशु की अद्वितीयता और स्वर्गदूतों द्वारा आराधना

“मैं की की दस्सा खूबियां जो मेरे येशु विच्च ने, ग़म जेहदे साहमने सकदे ना टिक ने…”

गीत का यह मुख्य भाग प्रभु यीशु की अद्वितीयता को दर्शाता है। उनके काम और उनका अस्तित्व इस संसार से बिल्कुल अलग (पवित्र) हैं। जब यीशु की उपस्थिति जीवन में आती है, तो संसार का कोई भी दुःख (ग़म) उनके सामने टिक नहीं सकता। स्वर्ग में दूत निरंतर उनके सिंहासन के सामने दंडवत् (सजदे) करते हैं।

संबंधित बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण और पूरा पाठ:

  • प्रकाशितवाक्य 5:11-12 — स्वर्गदूत निरंतर प्रभु यीशु (मेम्ने) की आराधना करते हैं और उन्हें महिमा आदर के योग्य मानते हैं:”और जब मैंने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों के चारों ओर बहुत से दूतों का शब्द सुना, जिनकी संख्या लाखों और करोड़ों की थी। और वे ऊंचे शब्द से कहते थे, ‘वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ्य, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है।'”
  • फिलिप्पियों 2:9-10 — परमेश्वर ने यीशु को वह नाम दिया है जिसके सामने सब घुटने टेकते हैं:”इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। कि यीशु के नाम पर हर एक घुटना टिके—चाहे स्वर्गदूतों का हो, चाहे पृथ्वी पर के रहने वालों का, चाहे पृथ्वी के नीचे रहने वालों का हो।”

2. अंतरा 1: शब्दों से परे महिमा और सृष्टि पर उनका अधिकार

“कौन लफ्ज़ा च येसु नू ब्यान कर सकदा, येसु दी जगह ते दूजा कौन खड़ सकदा…”

मनुष्य की भाषा और शब्द इतने समर्थ नहीं हैं कि वे परमेश्वर की पूरी महिमा का वर्णन कर सकें। यीशु का स्थान कोई दूसरा नहीं ले सकता। चारों दिशाएं और पूरी सृष्टि उनके सामने सिर झुकाती है। उनके कई ऐसे अद्भुत रूप और जलवे हैं जिन्हें इंसानी आँखों ने अभी तक देखा भी नहीं है।

संबंधित बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण और पूरा पाठ:

  • भजन संहिता 145:3 — परमेश्वर की महानता इंसानी समझ और शब्दों से बिल्कुल परे है:”यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी महानता अगम्य है।”
  • 1 कुरुन्थियों 2:9 — परमेश्वर ने अपने प्रेम करने वालों के लिए ऐसी अनदेखी आशीषें तैयार की हैं जो हमारी सोच से परे हैं:”परन्तु जैसा लिखा है: ‘जो आँख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुनी, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं, वे ही हैं जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिए तैयार की हैं।'”

3. अंतरा 2: मरुस्थल में चश्मे बहाना और मसीह के साथ आत्मिक एकता

“सुक्के मारुथलां विच्च येसु चश्मे बहोंदा ए, नदियां दा छोर कदे चुप वी करौंदा ए…”

यह भाग यीशु की प्रकृति पर अधिकार और उनकी जीवनदायी सामर्थ्य को दिखाता है। वे सूखे और बंजर जीवन (मारुथल) में भी आशीषों के झरने (चश्मे) बहाने की ताकत रखते हैं। वे उफनती हुई लहरों और नदियों को भी शांत कर सकते हैं। अंत में, नासरी यीशु के साथ एक विश्वासी का रिश्ता इतना गहरा होता है जैसे पानी में पानी मिल जाता है—अर्थात मसीह के साथ पूरी तरह से एक हो जाना।

संबंधित बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण और पूरा पाठ:

  • यशायाह 43:19 — परमेश्वर जंगल और मरुस्थल में भी मार्ग और नदियां निकालने वाले सृष्टिकर्ता हैं:”देखो, मैं एक नई बात करता हूँ; वह अभी प्रगट होगी, क्या तुम उससे अनजान रहोगे? मैं जंगल में एक मार्ग बनाऊँगा और मरुभूमि में नदियां बहाऊँगा।”
  • मत्ती 8:27 — प्रकृति की शक्तियां जैसे हवा और पानी भी यीशु की आज्ञा मानते हैं:”और मनुष्यों ने अचंभा करके कहा, ‘यह कैसा मनुष्य है, कि पवन और पानी भी उसकी आज्ञा मानते हैं?'”
  • 1 कुरुन्थियों 6:17 — मसीह के साथ विश्वासी की आत्मिक एकता को यह वचन स्पष्ट करता है:”और जो प्रभु की संगति में रहता है, वह उसके साथ एक आत्मा हो जाता है।”

4. अंतरा 3: दुखों को सुखों में बदलना और वचनों की मधुरता

“सुखा च बदल देवें दुखा दी कहानी नू, मैं च बदल देवें येसु फिके पानी नू…”

यीशु हमारे दुखों के इतिहास को पूरी तरह से बदलकर आनंद की नई कहानी लिख देते हैं। जिस प्रकार उन्होंने काना नगर के विवाह में फीके पानी को उत्तम दाखरस (मै) में बदल दिया था, उसी प्रकार वे नीरस और फीके जीवन में खुशियां भर देते हैं। नासरी यीशु के वचन (बोल) शहद से भी अधिक मीठे हैं, जो सुनते ही दिल को अपनी ओर आकर्षित (खिच्च) कर लेते हैं।

संबंधित बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण और पूरा पाठ:

  • यूहन्ना 2:9-10 — यीशु ने पानी को दाखरस बनाकर अपने चमत्कार की शुरुआत की थी:”जब भोज के प्रधान ने वह पानी चखा जो दाखरस बन गया था, और नहीं जानता था कि वह कहाँ से आया है (परन्तु जिन सेवकों ने पानी निकाला था, वे जानते थे), तो भोज के प्रधान ने दूल्हे को बुलाकर उससे कहा, ‘हर एक मनुष्य पहले अच्छा दाखरस परोसता है, और जब लोग पीकर छक जाते हैं तब मध्यम; परन्तु तूने अच्छा दाखरस अब तक रख छोड़ा है।'”
  • भजन संहिता 126:5 — दुखों को सुख और आनंद में बदलने का परमेश्वर का अटूट नियम:”जो आँसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवेंगे!”
  • भजन संहिता 119:103 — परमेश्वर के वचन आत्मा के लिए मधुर और सुखदायक हैं:”तेरे वचन मेरे चखने में क्या ही मीठे हैं, वे मेरे मुंह में शहद से भी अधिक मीठे हैं!”

Mai Ki Ki Dsa Khubiya Lyrics in hindi

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