दे दें दा येशू Lyrics song
मंगा दे दें दा येशू
खाली नैयो मोड दा
रोगीयां दे रोगा नु वी
येशू मेरा तोड दा – – -2
1)
मेरी तेरी सूरत वो ने
हथा उत्ते खोदिए
बन दा सहारा येशु
कलिसिया ये ओदी ये … 2
कलिसिया ये ओदी ये …..
बनेया ए मम्बा येशु
साडी हर लोड दा
रोगीयां दे रोगा नु वी
येशु मेरा तोड दा
मंगा दे दें दा येशु …..
2)
मंगी ये जे पाणी ते
जिंदगी वो दें दा ए
नवी सोहनी जिंदगी दा
चशमा बहांदा ए ….. 2
चशमा बहांदा ए …..
चल दा ए नाल येशू
जोर कमजोर दा
रोगीयां दे रोगा नु वी
येशू मेरा तोड दा
मंगा दे दें दा येशू…..
3)
गलील दिशा दे विच
मोजजा वखाया ए
मुमकीन जे नै सी वो नू
मुमकीन बनाया ए …… 2
मुमकीन बनाया ए ……
कर दा ए पूरा खाता
येशु हर थोइ दा
रोगीयां दे रोगा नु वी
येशू मेरा तोड दा
मंगा दे दें दा येशू …..
गीत का आत्मिक सारांश (Song Summary)
यह गीत यीशु मसीह की असीम करुणा, सामर्थ्य और विश्वासयोग्यता का एक जीवंत प्रमाण है। यह हमें सिखाता है कि जब हम सच्चे मन से प्रभु के पास आते हैं, तो वह हमें कभी खाली हाथ नहीं लौटाता। वह न केवल हमारी भौतिक और आत्मिक जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि हमारे शारीरिक और मानसिक रोगों को भी जड़ से मिटा देता है।
इस गीत के माध्यम से कलीसिया (प्रभु के लोगों) को यह दिलासा दिया गया है कि ईश्वर ने हमारा नाम अपनी हथेलियों पर खोद रखा है, वह हमें कभी नहीं भूलेगा। वह कमजोरों का बल है, मरुभूमि में जीवन के जल का सोता है, और असंभव को संभव करने वाला एकमात्र परमेश्वर है।
गीत से जुड़े मुख्य बाइबल वचन और उनका स्पष्टीकरण
इस गीत के हर एक अंतरे का सीधा संबंध पवित्र शास्त्र (बाइबल) के वचनों से है। नीचे उन वचनों को उनके स्पष्टीकरण के साथ दिया गया है:
1. माँगने वाले को देने वाला और चंगाई देने वाला परमेश्वर
“मंगा दे दें दा येशू, खाली नैयो मोड दा। रोगीयां दे रोगा नु वी, येशू मेरा तोड दा।”
यह पंक्तियाँ प्रभु यीशु के दयालु स्वभाव और उनकी चंगाई की सामर्थ्य को दर्शाती हैं। बाइबल स्पष्ट कहती है कि जो मांगता है, उसे दिया जाता है।
- मत्ती 7:7-8 (पवित्र बाइबल):“मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा।”
- मत्ती 4:23 (पवित्र बाइबल):“और यीशु सारे गलील में फिरता हुआ उनकी सभाओं में उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता और लोगों की हर प्रकार की बीमारी और दुर्बलता को दूर करता रहा।”
स्पष्टीकरण: इन वचनों से स्पष्ट है कि यीशु के पास आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता। वह आज भी हमारे दुखों और बीमारियों (रोगां) को तोड़ने की सामर्थ्य रखता है।
2. हथेलियों पर नाम खोदना और कलीसिया का सहारा
“मेरी तेरी सूरत वो ने, हथा उत्ते खोदिए। बन दा सहारा येशु, कलिसिया ये ओदी ये।”
परमेश्वर का अपने लोगों के प्रति प्रेम इतना गहरा है कि उसने हमारा चित्र अपनी हथेलियों पर बना रखा है। कलीसिया उसकी देह है और वह उसका रक्षक है।
- यशायाह 49:16 (पवित्र बाइबल):“देख, मैंने तेरा चित्र अपनी हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरे सामने बनी रहती है।”
- इफिसियों 5:23 (पवित्र बाइबल):“…जैसे मसीह भी कलीसिया का सिर है और स्वयं देह का उद्धारकर्ता है।”
स्पष्टीकरण: यह वचन हमें सुरक्षा का अहसास कराता है। जब हम अकेले या असहाय महसूस करते हैं, तब मसीह कलीसिया का सहारा बनकर खड़ा होता है, क्योंकि हम उसके अपने हैं।
3. जीवन का जल और कमजोरों का बल
“मंगी ये जे पाणी ते, जिंदगी वो दें दा ए। चल दा ए नाल येशू, जोर कमजोर दा।”
संसार का पानी पीने के बाद प्यास फिर लगती है, लेकिन यीशु जो आत्मिक जल देता है, वह अनंत जीवन का चश्मा (सोता) बन जाता है। साथ ही, जब हम कमजोर होते हैं, तो उसकी सामर्थ्य हममें पूरी होती है।
- यूहन्ना 4:14 (पवित्र बाइबल):“परंतु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर कभी प्यासा न होगा; वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनंत जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।”
- 2 कुरिन्थियों 12:9 (पवित्र बाइबल):“परंतु उसने मुझसे कहा, ‘मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है, क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है।’ इसलिए मैं बड़े आनंद से अपनी निर्बलताओं पर घमंड करूंगा कि मसीह की सामर्थ्य मुझ पर छाया करती रहे।”
स्पष्टीकरण: यीशु हमें केवल शारीरिक रूप से तृप्त नहीं करता, बल्कि हमारी आत्मा को भी नई जिंदगी देता है। जब हम खुद को कमजोर पाते हैं, तो वह हमारा ‘जोर’ (बल) बनकर हमारे साथ चलता है।
4. गलील के मोजजे (चमत्कार) और असंभव को संभव करना
“गलील दिशा दे विच, मोजजा वखाया ए। मुमकीन जे नै सी वो नू, मुमकीन बनाया ए।”
यीशु मसीह ने अपनी सेवकाई के दौरान गलील के इलाके में कई अद्भुत चमत्कार (मोजजे) किए, जैसे पानी को दाखारस बनाना, अंधों को आंखें देना और आंधी-तूफान को शांत करना।
- यूहन्ना 2:11 (पवित्र बाइबल):“यीशु ने गलील के काना में अपना यह पहला चिन्ह दिखाकर अपनी महिमा प्रगट की, और उसके चेलों ने उस पर विश्वास किया।”
- लूका 18:27 (पवित्र बाइबल):“उसने कहा, ‘जो मनुष्य से नहीं हो सकता, वह परमेश्वर से हो सकता है।'”
स्पष्टीकरण: यह वचन प्रमाणित करते हैं कि जो बातें इंसानी सोच और विज्ञान के बाहर हैं (असंभव हैं), उन्हें यीशु पल भर में संभव कर देता है। गलील में दिखाए गए चमत्कार आज भी हमारे जीवन में सच हो सकते हैं यदि हम विश्वास रखें।
निष्कर्ष (Conclusion)
यह गीत केवल गुनगुनाने के लिए नहीं, बल्कि मसीह में दृढ़ विश्वास रखने का एक माध्यम है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा परमेश्वर जीवित है, वह हमारी हर ‘लोड’ (जरूरत) को पूरा करने वाला ‘मम्बा’ (सोता) है। यदि आप आज किसी भी बीमारी, कमी या लाचारी से गुजर रहे हैं, तो यीशु के पास आएं, क्योंकि वह सच्चा चरवाहा है जो कभी किसी को निराश नहीं करता।



