मैनू तेरे जहां सोहना कोई लब्दा ही नहीं Lyrics song
मैंनू तेरे जेहा सोहणा, कोई लबदा ही नहीं,
मेरी नज़रा नू होर कोई, फबदा ही नहीं,
जिस दिन नहीं, तेरे नाल गल्ल हुंदी मैं सोण दे वांगू,
बरस दा हां जीवे परिंदा आहलने (घोंसला) नू,
तरस दा है ऐवे मैं येसु तेरे लई, तरस दा हा,
मैंनू तेरे जेहा सोहणा….
1. खण्ड (चीनी) दे नालों शहद दे नालों, मिट्ठीयां तेरिया
गल्ला ने गुड़ नालों गुलकंद दे नालों, मिट्ठीयां तेरियां
गल्ला ने मैंनू सुनण नू मिलदियां रहण सदा मैं, एहना
लई तरस दा हा….
जीवे परिंदा आहलने (घोंसला) नू, तरस दा
है ऐवे मैं येसु तेरे लई, तरस दा हां मैंनू तेरे जेहा सोहणा……..
2. चुक्क- चुक्क अड़िया अड़िया (एड़ी) वेखदा
रेहंदा हर वेले असमान ख़ुदा, हिरणी तरसे
जीवे पानी नू, तेरे बिना मेरी जान ख़ुदा जीवे
पाणीया लई ओह प्यासी ए, मैं प्यासा तेरे तरस दा हां….
जीवे परिंदा आहलने (घोंसला) नू, तरस दा
है ऐवे मैं येसु तेरे लई, तरस दा हां मैंनू तेरे जेहा सोहणा……..
1. भजन: “मैनू तेरे जहां सोहना कोई लब्दा ही नहीं” (सारांश व वचन)
आत्मिक सारांश: यह भजन प्रभु यीशु मसीह के प्रति एक आस्तिक की गहरी तड़प, प्रेम और निर्भरता को दर्शाता है। इसमें बताया गया है कि इस संसार में प्रभु यीशु जैसा सुंदर, पवित्र और अनमोल और कोई नहीं है। जैसे एक पक्षी अपने घोंसले के लिए तरसता है और एक हिरणी पानी के स्रोतों के लिए हांफती है, वैसे ही एक मसीही आत्मा प्रभु की संगति, उनकी मीठी बातों (वचनों) और उनकी दया के लिए प्यासी रहती है। प्रभु का वचन शहद और गुड़ से भी अधिक मीठा है, जो जीवन को तृप्ति देता है।
इस भजन से जुड़े प्रामाणिक बाइबल वचन:
भजन संहिता 42:1 “जैसे हिरणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही हे परमेश्वर, मेरा प्राण तेरे लिये हांफता है।”
भजन संहिता 119:103 “तेरे वचन मेरे चखने में क्या ही मीठे हैं! हां, वे मेरे मुंह में मधु से भी अधिक मीठे हैं!”
श्रेष्ठगीत 5:16 “उसका मुंह बहुत ही मीठा है, और वह पूरी रीति से मनोहर है। हे यरूशलेम की बेटियों, यही मेरा प्रेमी और यही मेरा मित्र है।”
भजन संहिता 84:1-2 “हे सेनाओं के यहोवा, तेरा निवास क्या ही प्रिय है! मेरा प्राण यहोवा के आंगनों के लिये तरसते तरसते मूर्च्छित हो चला; मेरा तन मन दोनों जीवित परमेश्वर को पुकार रहे हैं।”
2. भजन: “मेरी तो इज्ज़त खुदावंद है” (सारांश व वचन)
आत्मिक सारांश: यह भजन पूरी तरह से प्रभु पर पूर्ण समर्पण, भरोसे और मसीही पहचान (Identity in Christ) को बयां करता है। एक विश्वासी यह स्वीकार करता है कि इस संसार में उसका अपना धन, बल या मान-सम्मान कुछ भी नहीं है; उसका सब कुछ—उसकी ताकत, उसकी दौलत और उसकी इज्ज़त केवल प्रभु यीशु ही हैं। जब हम प्रभु के कलाम (वचन) के अनुसार चलते हैं, तो संसार का कोई भी डर हमें डिगा नहीं सकता। वह हमारी हर प्रार्थना को सुनता है और हमारे लिए क्या सबसे उत्तम है, वह भली-भांति जानता है। इसलिए उसकी रज़ा (इच्छा) में ही सच्चा आनंद है।
इस भजन से जुड़े प्रामाणिक बाइबल वचन:
यिर्मयाह 9:23-24 “यहोवा यों कहता है: बुद्धिमान अपनी बुद्धिमानी पर घमण्ड न करे, न वीर अपनी वीरता पर घमण्ड करे, न धनी अपने धन पर घमण्ड करे; परन्तु जो घमण्ड करे वह इसी बात पर घमण्ड करे, कि वह मुझे जानता और समझता है, कि मैं ही यहोवा हूँ जो पृथ्वी पर करुणा, न्याय और धर्म के काम करता है।”
भजन संहिता 28:7 “यहोवा मेरा बल और मेरी ढाल है; उस पर मेरा भरोसा था, सो मुझे सहायता मिली; इसलिये मेरा हृदय प्रफुल्लित है; और मैं गीत गाकर उसका धन्यवाद करूँगा।”
गलातियों 2:20 “मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है; और मैं शरीर में अब जो जीवन बिताता हूँ, तो केवल उस परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करने से बिताता हूँ, जिसने मुझसे प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया।”
फिलिप्पियों 4:13 “जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ।”
1 यूहन्ना 5:14 “और हमें उसके सामने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो वह हमारी सुनता है।”
यिर्मयाह 29:11 “क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन् कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करेंगे।”
यह सारांश और प्रभु के पवित्र वचन आपकी पोस्ट को पढ़ने वालों के आत्मिक जीवन को आशीष देंगे और उन्हें प्रभु की निकटता में लाएंगे। जय मसीह की!



